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सुबूतों के अभाव में बेटी का हत्यारोपी बरी
अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 30 Sep 2013 11:04 PM IST
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पंजाब के पटियाला में जिला एवं सेशन जज राजशेखर अत्री की कोर्ट ने सोमवार को बेटी की हत्या के आरोपी पिता को सुबूतों के अभाव मेें बरी कर दिया।
पिता पर आरोप था कि वह अपनी लड़की के प्रेम संबंधों से नाराज था और इस कारण बेटी को मारकर लाश को नहर में फेंक दिया था। इस मामले में पहले आरोपी पिता सुखबीर सिंह निवासी शंभू कलां तहसील राजपुरा जिला पटियाला ही शिकायतकर्ता था।
उसने शंभू कलां के ही रहने वाले तीन नौजवानों हरप्रीत सिंह, हरजीत सिंह व मनजीत सिंह के खिलाफ 9 अक्तूबर 2011 को उसकी लड़की को अगवा करने का केस दर्ज कराया था। बाद में दोनों पक्षों का 26 दिसंबर 2011 को पंचायती राजीनामा हो गया।
बाद में पुलिस को अपनी जांच में तीनों नौजवानों के खिलाफ कोई सबूत न मिले, जिसके चलते आठ जनवरी 2012 को इन्हें बेगुनाह करार दे दिया गया। इसके कुछ महीनों के बाद ही तीन जून 2012 को नौजवान हरप्रीत सिंह ने पुलिस को लड़की के पिता सुखबीर सिंह के खिलाफ बयान दिया।
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हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाए कि सुखबीर सिंह की लड़की के साथ उसके प्रेम संबंध थे, जिससे वह काफी नाराज था। लड़की ने उसे लापता होने से एक दिन पहले रात को मोबाइल करके बताया था कि उसका पिता उसे काफी मार रहा है। इस बयान के आधार पर पुलिस ने पिता सुखबीर सिंह के खिलाफ हत्या, लाश को खुर्द-बुर्द करने व पुलिस को झूठी सूचना देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया।
लड़की की लाश की नहर में तलाश की गई, लेकिन लाश नहीं मिली। सोमवार को इस केस की सुनवाई के दौरान सबूतों के अभाव में आरोपी पिता को अपनी ही लड़की के कत्ल के केस से बरी कर दिया गया।
पिता पर आरोप था कि वह अपनी लड़की के प्रेम संबंधों से नाराज था और इस कारण बेटी को मारकर लाश को नहर में फेंक दिया था। इस मामले में पहले आरोपी पिता सुखबीर सिंह निवासी शंभू कलां तहसील राजपुरा जिला पटियाला ही शिकायतकर्ता था।
उसने शंभू कलां के ही रहने वाले तीन नौजवानों हरप्रीत सिंह, हरजीत सिंह व मनजीत सिंह के खिलाफ 9 अक्तूबर 2011 को उसकी लड़की को अगवा करने का केस दर्ज कराया था। बाद में दोनों पक्षों का 26 दिसंबर 2011 को पंचायती राजीनामा हो गया।
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बाद में पुलिस को अपनी जांच में तीनों नौजवानों के खिलाफ कोई सबूत न मिले, जिसके चलते आठ जनवरी 2012 को इन्हें बेगुनाह करार दे दिया गया। इसके कुछ महीनों के बाद ही तीन जून 2012 को नौजवान हरप्रीत सिंह ने पुलिस को लड़की के पिता सुखबीर सिंह के खिलाफ बयान दिया।
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हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाए कि सुखबीर सिंह की लड़की के साथ उसके प्रेम संबंध थे, जिससे वह काफी नाराज था। लड़की ने उसे लापता होने से एक दिन पहले रात को मोबाइल करके बताया था कि उसका पिता उसे काफी मार रहा है। इस बयान के आधार पर पुलिस ने पिता सुखबीर सिंह के खिलाफ हत्या, लाश को खुर्द-बुर्द करने व पुलिस को झूठी सूचना देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया।
लड़की की लाश की नहर में तलाश की गई, लेकिन लाश नहीं मिली। सोमवार को इस केस की सुनवाई के दौरान सबूतों के अभाव में आरोपी पिता को अपनी ही लड़की के कत्ल के केस से बरी कर दिया गया।