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किसान आंदोलन को जन आंदोलन बनाएंगे किसान, पंजाब में घर-घर जाकर जुटाएंगे समर्थन

Tue, 12 Jan 2021 12:25 PM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 12 Jan 2021 12:25 PM IST
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Farmers will now gather support from people in Punjab
किसान अब आम लोगों से समर्थन मांगेंगे। - फोटो : PTI

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के साथ लगातार बैठकों की विफलता के बाद किसान नेताओं ने आंदोलन की रणनीति में बदलाव कर दिया है। आंदोलन को और मजबूत करने के लिए पंजाब के घर-घर जाकर किसान नेता समर्थन जुटाएंगे। यूनियन के नेताओं का मानना है कि अब वक्त आ गया है कि कृषि कानूनों के खिलाफ इस किसान आंदोलन को अब जन आंदोलन बनाया जाए।

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कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली पर धरने दे रहे किसान यूनियनों को 47 दिन हो चुके हैं। इस दौरान केंद्र के साथ किसान नेताओं की 9वें दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों को लेकर केंद्र ने रुख स्पष्ट नहीं किया है। साथ ही केंद्र ने यह कह दिया है कि कृषि कानूनों को किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा। केंद्र के इस रुख को देखते हुए अब किसान यूनियनों ने आंदोलन को और मजबूत करने का फैसला किया है। 
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इसके लिए किसानों ने पंजाब में रणनीति में बदलाव करते हुए घर-घर जाकर समर्थन जुटाने का निर्णय किया है। किसान नेताओं का मानना है कि अब वक्त आ गया है कि किसान आंदोलन को जन आंदोलन बनाया जाए। आम लोगों के जुड़ने से आंदोलन को मजबूती मिलेगी और केंद्र पर दबाव भी बनाया जा सकेगा। इससे पहले किसान नेताओं ने आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में पंजाब में खेत मजदूरों को जोड़ना शुरू कर दिया है। 
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बता दें कि पंजाब में 15 लाख से ज्यादा खेत मजदूर हैं। कई खेत मजदूर यूनियनों ने दिल्ली के टीकरी बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के समर्थन में रैलियां निकालकर समर्थन जुटाने के लिए जनसंपर्क शुरू कर दिया है।

किसान नेताओं ने शुरू किया बैठकों का दौर
किसान आंदोलन के समर्थन में किसान नेताओं ने समर्थन जुटाने के लिए पंजाब भर में बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। पंजाब की 65 फीसदी से अधिक की आबादी ग्रामीण क्षेत्र और खेती किसानी से ताल्लुक रखती है, ऐसे में किसान नेताओं का मानना है कि उनके इस रणनीतिक बदलाव का भरपूर लाभ मिलेगा। साथ ही आंदोलन को मजबूती देने के लिए जनसंपर्क के दौरान हर एक घर से सहयोग की अपील की जाएगी।

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र अड़ियल रुख अपनाए हुए है, इसलिए अब रणनीति में बदलाव करना आवश्यक है। आंदोलन जितना लंबा खिंचेगा, किसानों को उतना अधिक समर्थन मिलेगा। धीरे-धीरे अब किसान आंदोलन, जन आंदोलन का रूप ले रहा है। - सुखदेव सिंह कोकरी कलां, राष्ट्रीय महासचिव, भाकियू एकता (उगराहां)

केंद्र किसानों के दर्द को नहीं समझ रहा है। जल्द ही यदि इस मामले में केंद्र ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। धीरे-धीरे आंदोलन, जन आंदोलन का रूप लेने लगा है। - राजिंदर सिंह बडहेड़ी, निदेशक, पंजाब मंडी बोर्ड

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