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Faridkot: किसानों की लंबित मांगों के लिए भाकियू सिद्धुपुर के प्रांतीय अध्यक्ष का मरणव्रत शुरू
Sat, 19 Nov 2022 01:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 19 Nov 2022 01:41 PM IST
सार
किसानों ने कहा कि सरकार झूठा दावा कर रही है कि किसानों का गन्ने का बकाया जारी कर दिया गया है, जबकि वास्तविकता में अभी बहुत से किसानों का बकाया शेष है। इसके अतिरिक्त सरकार ने गन्ना मिलों को शुरू करने की बात सहित अन्य मांगों को माना था, लेकिन अब उन्हें लागू करने में टालमटोल कर रही है।
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फरीदकोट में किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक ने स्वीकार हो चुकी किसानों की मांगों को लागू करवाने की मांग को लेकर फरीदकोट के गांव टहिणा के पास अमृतसर बठिंडा नेशनल हाईवे समेत राज्य भर में कुल 6 स्थानों पर पक्के मोर्चे शुरू किए हुए हैं। एक दिन पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इन धरनों से आम लोगों की परेशानियों को लेकर किसान संगठनों पर सख्त टिप्पणियां की थी। मुख्यमंत्री के बयान से गुस्साए भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रांतीय प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाला ने गांव टहिणा के मोर्चे में शनिवार दोपहर 12 बजे मरणव्रत शुरू कर दिया। डल्लेवाला ने एलान किया है कि जब तक पंजाब सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती, वह अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे।
इस मौके पर जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान की निंदा करते हुए कहा कि जब किसान दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना दे रहे थे, तब आम आदमी पार्टी को किसान अच्छे लगते थे। इसी कारण उनके धरने का समर्थन केजरीवाल व भगवंत मान करते रहे हैं लेकिन अब जब किसान आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे हैं तो उन्हें यह गलत लग रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है इसलिए धरने विधायक या मंत्रियों के घरों के आगे दिए जाने चाहिए। परंतु आम आदमी पार्टी के तो मंत्री विधायक गुजरात में प्रचार कर रहे हैं फिर वे धरने कहां दें।
उन्होंने कहा कि सरकार झूठा दावा कर रही है कि किसानों का गन्ने का बकाया जारी कर दिया गया है, जबकि वास्तविकता में अभी बहुत से किसानों का बकाया शेष है। इसके अतिरिक्त सरकार ने गन्ना मिलों को शुरू करने की बात सहित अन्य मांगों को माना था, लेकिन अब उन्हें लागू करने में टालमटोल कर रही है। जिसके चलते मरणव्रत शुरू किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे अकेले ही मरणव्रत पर बैठेंगे और उन्होंने अपने साथियों से कह दिया है कि यदि सरकार मांगें नहीं मानती और उन्हें कुछ होता है तो यूनियन के अनुसार आगे निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष की अगली रूपरेखा के लिए संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक की जा रही है और इसके बाद अगले एक्शन का एलान किया जाएगा।
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इस मौके पर जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान की निंदा करते हुए कहा कि जब किसान दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना दे रहे थे, तब आम आदमी पार्टी को किसान अच्छे लगते थे। इसी कारण उनके धरने का समर्थन केजरीवाल व भगवंत मान करते रहे हैं लेकिन अब जब किसान आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे हैं तो उन्हें यह गलत लग रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है इसलिए धरने विधायक या मंत्रियों के घरों के आगे दिए जाने चाहिए। परंतु आम आदमी पार्टी के तो मंत्री विधायक गुजरात में प्रचार कर रहे हैं फिर वे धरने कहां दें।
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उन्होंने कहा कि सरकार झूठा दावा कर रही है कि किसानों का गन्ने का बकाया जारी कर दिया गया है, जबकि वास्तविकता में अभी बहुत से किसानों का बकाया शेष है। इसके अतिरिक्त सरकार ने गन्ना मिलों को शुरू करने की बात सहित अन्य मांगों को माना था, लेकिन अब उन्हें लागू करने में टालमटोल कर रही है। जिसके चलते मरणव्रत शुरू किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे अकेले ही मरणव्रत पर बैठेंगे और उन्होंने अपने साथियों से कह दिया है कि यदि सरकार मांगें नहीं मानती और उन्हें कुछ होता है तो यूनियन के अनुसार आगे निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष की अगली रूपरेखा के लिए संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक की जा रही है और इसके बाद अगले एक्शन का एलान किया जाएगा।
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