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रोपड़: सैनिक गज्जण सिंह की शहादत से नूरपुरबेदी में पसरा मातम, कल होगा अंतिम संस्कार
Tue, 12 Oct 2021 08:12 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, नूरपुरबेदी/रोपड़ (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, नूरपुरबेदी/रोपड़ (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 12 Oct 2021 08:12 PM IST
सार
28 वर्षीय 23 सिख रेजीमेंट के सैनिक गज्जण सिंह पुंछ में आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए 5 सैनिकों में शामिल थे। उनकी शहादत से पूरे जिले में मातम छाया हुआ है।
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रोपड़ में शहीद के घर सांत्वना जताने पहुंचे लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
जम्मू कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में आतंकवादियों से लोहा लेते शहीद हुए ब्लाक नूरपुरबेदी के गांव पंचरंडा के सैनिक गज्जण सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार देर शाम तक उनके निवास स्थान पर नहीं पहुंच सका था। अब 13 अक्तूबर को सरकारी सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भी शामिल होने की सूचना है। शहीद गज्जण सिंह के पिता चरन सिंह, माता, भाई और विधवा पत्नी हरप्रीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल था।
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पूरा परिवार गज्जण की शहादत की खबर सुनने के बाद से सदमे में है। मंगलवार को शहीद के निवास स्थान पर डीसी सोनाली गिरी समेत समूचा प्रशासन व हलका रूपनगर के विधायक अमरजीत सिंह संदोआ, पूर्व शिक्षा मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा, पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह के बेटे विश्वपाल राणा पहुंचे। इसके अलावा अन्य राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठनों के नेताओं के अतिरिक्त क्षेत्रवासी दुख व्यक्त करने के लिए परिवार के घर पहुंच रहे हैं। सबकी जुबान पर एक ही शब्द है कि उन्हें शहीद गज्जण की शहादत पर गर्व है।
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28 वर्षीय 23 सिख रेजीमेंट के सैनिक गज्जण सिंह पुंछ में आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए 5 सैनिकों में शामिल थे। उनकी शहादत से पूरे जिले में मातम छाया हुआ है। डीसी सोनाली गिरी और जिला पुलिस मुखी विवेकशील सोनी ने भी गांव पंचरंडा में पहुंचकर शहीद सैनिक गज्जण सिंह के पिता चरन सिंह, उनकी माता और पत्नी हरप्रीत कौर से मिलकर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश के लिए शहादत देने वाले सैनिक गज्जण सिंह की कुर्बानी को सदा-सदा के लिए देशवासी याद रखेंगे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से परिवार को 50 लाख की राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का एलान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शहीद के अंतिम दर्शनों के लिए परिवार की राय से उचित स्थान का प्रबंध किया जा रहा है। शहीद के परिवार के साथ पूरा प्रशासन खड़ा है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और विधानसभा स्पीकर राणा केपी सिंह इसी जिले से संबधित है। इसलिए संभावना है कि बुधवार को वह शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल होंगे।
मुझे पति की शहादत पर गर्व : हरप्रीत कौर
शहीद गज्जण सिंह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका फरवरी में ही विवाह हुआ था। गज्जण सिंह ने दस दिन बाद छुट्टी पर घर आना था, लेकिन अब तिरंगे में लिपटा उनका शरीर घर पहुंच रहा है। शहीद के पिता चरन सिंह दो एकड़ जमीन में कृषि करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले पैसों से उनका बेटा तो वापस नहीं आ सकता। शहीद की पत्नी हरप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। उन्होंने बताया कि शहीद गज्जण सिंह उन्हें कहते थे कि उनकी जान वतन के लिए है और उसकी जिंद शहादत के लेखे लगे। उन्होंने कहा कि रिश्तेदारी में एक विवाह में शामिल होने के लिए उन्होंने घर आना था। विवाह के लिए सभी प्रबंध गज्जण सिंह ने ही किए थे। उन्होंने बताया कि सरकार कश्मीर का मसला हल करे, क्योंकि रोज-रोज माता-पिता के बेटे शहीद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी हिम्मत गज्जण सिंह थे और अब उनकी हिम्मत टूट गई है।