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पीक पर पहुंची बिजली की डिमांड

Mon, 14 Jul 2014 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला Updated Mon, 14 Jul 2014 10:37 PM IST
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electricity, demand, peak, crisis
पंजाब में बिजली की डिमांड पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 2500 लाख यूनिट तक पहुंच गई है, वहीं इसके मुकाबले में उपलब्धता सिर्फ 2250 लाख यूनिट होने से लोगों को भीषण गरमी में लंबे कटों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ करोड़ों की लागत से बना तलवंडी साबो थर्मल प्लांट कोयले की कमी के चलते बंद पड़ा है, वहीं पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांटों के यूनिट भी लगातार किसी न किसी तकनीकी फाल्ट के चलते बंद हो रहे हैं। लहरां थर्मल प्लांट का एक यूनिट पहले ही बंद था और एक अन्य भी बंद पड़ गया है। वहीं भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड से भी पंजाब को काफी कम बिजली मिल रही है।
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बरसात न होने से पारे में उछाल के चलते बिजली की डिमांड पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए सोमवार को 2500 लाख यूनिट तक पहुंच गई है, जबकि इसकी तुलना में उपलब्धता 2250 लाख यूनिट ही है। बिजली की मांग और उपलब्धता में 250 लाख यूनिट का अंतर है, जिसके चलते लोगों को लंबे कटों का सामना करना पड़ रहा है। शहरों में छह घंटे तक के कट लग रहे हैं, वहीं गांवों में तो और भी बुरा हाल है। गांवों में सात से आठ घंटे के कट लग रहे हैं। किसानों को भी मुश्किल से पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है। किसानों की शिकायत है कि वह भी लगातार नहीं मिल पाती है।
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सफेद हाथी बने प्राइवेट प्लांट
पंजाब में बिजली संकट का एक प्रमुख कारण 10 हजार करोड़ की लागत से मानसा में लगा तलवंडी साबो और 12 हजार करोड़ की लागत से राजपुरा में स्थापित थर्मल प्लांट है। कोयले की कमी के चलते तलवंडी साबो बिल्कुल बंद पड़ा है वहीं राजपुरा प्लांट का 700 मेगावाट का एक ही यूनिट चल पा रहा है और वह भी कम क्षमता पर। राजपुरा प्लांट से 1400 मेगावाट की बजाय 500 मेगावाट बिजली ही मिल रही है।
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पावरकॉम के प्लांटों में कोयले का संकट
पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांटों बठिंडा, रोपड़ और लहरां मोहब्बत में भी कोयले का संकट बना है। रोपड़ प्लांट में जहां अब तक कोयला पर्याप्त मात्रा में रहता था। वहां वर्तमान में केवल 14 दिनों का कोयला बचा है, जबकि लहरां में पांच और बठिंडा में केवल सात दिनों का ही कोयला बचा है। लहरां मोहब्बत थर्मल प्लांट का एक यूनिट पहले ही खराब पड़ा था। अब एक और ब्वायलर ट्यूब में लीकेज के चलते खराब हो गया है।



बीबीएमबी से 45 लाख यूनिट बिजली कम मिली
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड से पंजाब को जहां पिछले साल आज के दिन 206 लाख यूनिट बिजली मिली थी। वहीं सोमवार को 161 लाख यूनिट बिजली मिली। यानी 45 लाख यूनिट कम। भाखड़ा डैम में पिछले साल आज के दिन पानी का स्तर 1633 फुट था, वहीं सोमवार को स्तर 1618 फुट था। पौंग डैम में पिछले साल आज के दिन 1342 फुट पानी था वहीं सोमवार को यह 1314 फुट ही था। मानसून में देरी के चलते पानी का स्तर लगातार कम हो रहा है। माहिरों के मुताबिक अगर यही हाल रहा, तो इन डैमों से खेतीबाड़ी के लिए भी पानी कम दिया जाएगा।
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