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विदेश भेजने का झांसा देकर अठारह लाख ठगे
अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 05 Nov 2013 10:12 PM IST
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विदेश भेजने का झांसा देकर एक युवक से लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। सदर पटियाला पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी पिता समेत उसकी लड़की व लड़के के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
अशविंदर सिंह निवासी गांव दलानपुर थाना सदर पटियाला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसने विदेश जाने के लिए आरोपी अमित कुमार, उसके पिता ध्यान चंद, बहन रेणु निवासी गांव अरनी वाला सेखसवान फाजिल्का के साथ 18 लाख रुपये में सौदा किया था। 20 दिसंबर 2008 को आरोपी अमित व उसका पिता ध्यान चंद गांव दलानपुर में आए और शिकायतकर्ता के परिजनों से छह लाख रुपये ले गए।
इसके बाद जनवरी 2009 में 12 लाख फिर से ले गए। साथ ही शिकायतकर्ता व उसकी बुआ के लड़के का पासपोर्ट भी ले गए। इसके कुछ दिनों के बाद फोन आया कि वीजा लग गया है लेकिन दो दिनों ही दोबारा फोन आया कि पासपोर्ट में कोई कमी है, जिसके लिए 50 हजार रुपये और लगेंगे।
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शक होने पर जब शिकायतकर्ता युवक अशविंदर सिंह दिल्ली गया और वहां जाकर टिकटों व वीजा के बारे में एंबेसी वालों से पूछा, तो उन्होंने बताया कि टिकटें व वीजा रद हो चुके हैं। बाद में पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने नहीं दिए।
पुलिस ने इस बयान के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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अशविंदर सिंह निवासी गांव दलानपुर थाना सदर पटियाला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसने विदेश जाने के लिए आरोपी अमित कुमार, उसके पिता ध्यान चंद, बहन रेणु निवासी गांव अरनी वाला सेखसवान फाजिल्का के साथ 18 लाख रुपये में सौदा किया था। 20 दिसंबर 2008 को आरोपी अमित व उसका पिता ध्यान चंद गांव दलानपुर में आए और शिकायतकर्ता के परिजनों से छह लाख रुपये ले गए।
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इसके बाद जनवरी 2009 में 12 लाख फिर से ले गए। साथ ही शिकायतकर्ता व उसकी बुआ के लड़के का पासपोर्ट भी ले गए। इसके कुछ दिनों के बाद फोन आया कि वीजा लग गया है लेकिन दो दिनों ही दोबारा फोन आया कि पासपोर्ट में कोई कमी है, जिसके लिए 50 हजार रुपये और लगेंगे।
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शक होने पर जब शिकायतकर्ता युवक अशविंदर सिंह दिल्ली गया और वहां जाकर टिकटों व वीजा के बारे में एंबेसी वालों से पूछा, तो उन्होंने बताया कि टिकटें व वीजा रद हो चुके हैं। बाद में पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने नहीं दिए।
पुलिस ने इस बयान के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।