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सीएम ने टाला तो मदद को आगे आए एनआरआई
अमर उजाला, मोगा
Updated Sat, 01 Feb 2014 10:02 PM IST
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गांव डरोली भाई में नेचुरल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की मांग को सीएम ने टाला तो गांव के दूसरे देशों में बसे करीब 150 एनआरआई आगे आए।
सभी ने एक-एक लाख रुपये देने की मदद का वादा कर दूषित हो रहे जमीनी पानी को बचाने के लिए नेचुरल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू करवा दिया। ग्रामीणों ने इसके लिए एक ट्रस्ट बनाया है। चार करोड़ की लागत से बनने वाले नेचुरल ट्रीटमेंट प्लांट पर अब तक 34 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में संत सींचेवाल से भी संपर्क किया है।
पिछले साल वर्ष मोगा विधानसभा के उपचुनाव के बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के इस हलके में संगत दर्शन प्रोग्राम के मौके पर ग्रामीणों ने इस प्रोजेक्ट के लिए ग्रांट की मांग की थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें टाल दिया। इस पर गांव के लोगों ने माता दमोदरी देवी ट्रस्ट बनाया।
गांव के निवासी ट्रस्ट सदस्य गुरचरन सिंह संघा ने बताया कि सीएम के मांग को टालने के बाद गांव के एनआरआई आगे आए। उनके गांव के करीब 150 लोग बाहर बसे हुए हैं। सभी ने एक-एक लाख रुपये देने का वादा किया। इस पर ग्रामीणों ने भी सहयोग को हाथ बढ़ाया और प्लांट का काम शुरू करवा दिया। गांव में तीन छप्पड़ हैं, इनमें से एक को बंद कर दिया गया है। दो में यह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू किया गया है।
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तीन टैंक बना कुदरती ढंग से पानी साफ होकर गांव में खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा अंडरग्राउंड पाइप डालकर घरों का गंदा पानी छप्पड़ों में बनने वाले ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। इसके लिए 168 कनेक्शन दिए गए हैं। इसके एवज में सभी से एक-एक हजार रुपया लिया जा रहा है।
संघा बताते हैं कि उनके गांव के लोग काला पीलिया, कैंसर समेत कई अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। गांव के लोग फैल रही गंभीर बीमारियों से लड़ने की तैयारी के तौर पर यह प्रबंध कर रहे हैं। इस गांव में ट्रीटमेंट प्लांट लगने से बीमारियों से ही निजात नहीं मिलेगी बल्कि उनका गांव दूसरे गांवों के लिए मॉडल भी बनेगा।
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सभी ने एक-एक लाख रुपये देने की मदद का वादा कर दूषित हो रहे जमीनी पानी को बचाने के लिए नेचुरल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू करवा दिया। ग्रामीणों ने इसके लिए एक ट्रस्ट बनाया है। चार करोड़ की लागत से बनने वाले नेचुरल ट्रीटमेंट प्लांट पर अब तक 34 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में संत सींचेवाल से भी संपर्क किया है।
पिछले साल वर्ष मोगा विधानसभा के उपचुनाव के बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के इस हलके में संगत दर्शन प्रोग्राम के मौके पर ग्रामीणों ने इस प्रोजेक्ट के लिए ग्रांट की मांग की थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें टाल दिया। इस पर गांव के लोगों ने माता दमोदरी देवी ट्रस्ट बनाया।
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गांव के निवासी ट्रस्ट सदस्य गुरचरन सिंह संघा ने बताया कि सीएम के मांग को टालने के बाद गांव के एनआरआई आगे आए। उनके गांव के करीब 150 लोग बाहर बसे हुए हैं। सभी ने एक-एक लाख रुपये देने का वादा किया। इस पर ग्रामीणों ने भी सहयोग को हाथ बढ़ाया और प्लांट का काम शुरू करवा दिया। गांव में तीन छप्पड़ हैं, इनमें से एक को बंद कर दिया गया है। दो में यह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू किया गया है।
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तीन टैंक बना कुदरती ढंग से पानी साफ होकर गांव में खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा अंडरग्राउंड पाइप डालकर घरों का गंदा पानी छप्पड़ों में बनने वाले ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। इसके लिए 168 कनेक्शन दिए गए हैं। इसके एवज में सभी से एक-एक हजार रुपया लिया जा रहा है।
संघा बताते हैं कि उनके गांव के लोग काला पीलिया, कैंसर समेत कई अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। गांव के लोग फैल रही गंभीर बीमारियों से लड़ने की तैयारी के तौर पर यह प्रबंध कर रहे हैं। इस गांव में ट्रीटमेंट प्लांट लगने से बीमारियों से ही निजात नहीं मिलेगी बल्कि उनका गांव दूसरे गांवों के लिए मॉडल भी बनेगा।