{"_id":"891663e39ab8402f38b267c354c45351","slug":"clerk-of-the-city-council-hold-of-bribes","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर काउंसिल का क्लर्क रिश्वत लेते काबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर काउंसिल का क्लर्क रिश्वत लेते काबू
अमर उजाला, तलवंडी भाई
Updated Mon, 23 Sep 2013 04:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस विभाग ने नगर काउंसिल के एक क्लर्क को कूड़ा उठाने वाली कंपनी जेईटी के सुपरवाइजर का बिल पास करवाने की एवज में तीन हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे-हाथों गिरफ्तार किया है। उधर, विजिलेंस के डीएसपी सुरेंदर कुमार का कहना है कि उक्त क्लर्क के खिलाफ फिरोजपुर विजिलेंस थाना में केस दर्ज किया है।
विजिलेंस विभाग के डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि घर-घर से कूड़ा उठाने वाली कंपनी जेईटी के सुपरवाइजर संदीप कुमार ने उन्हें शिकायत दी कि नगर काउंसिल का क्लर्क बलबीर सिंह उनका एक बिल पास करने की एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। जबकि वो दो हजार रुपये एडवांस में दे चुका है और तीन हजार रुपये देने हैं।
विजिलेंस के अधिकारियों ने उसे नोटों पर निशान लगाकर दे दिए कि यही नोट उक्त क्लर्क बलबीर सिंह को देना। सोमवार को संदीप कुमार क्लर्क बलबीर सिंह को तीन हजार रुपये देने के लिए गया। बलबीर ने तीन हजार रुपये लेकर रख लिए। उसी समय विजिलेंस विभाग की टीम ने छापामारी कर उससे तीन हजार रुपये बरामद कर लिए। एक-एक हजार की तीन नोट थे। क्लर्क का हाथ धुलवाते ही उसके हाथों पर गुलाबी रंग आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विजिलेंस विभाग के डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि घर-घर से कूड़ा उठाने वाली कंपनी जेईटी के सुपरवाइजर संदीप कुमार ने उन्हें शिकायत दी कि नगर काउंसिल का क्लर्क बलबीर सिंह उनका एक बिल पास करने की एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। जबकि वो दो हजार रुपये एडवांस में दे चुका है और तीन हजार रुपये देने हैं।
विज्ञापन
विजिलेंस के अधिकारियों ने उसे नोटों पर निशान लगाकर दे दिए कि यही नोट उक्त क्लर्क बलबीर सिंह को देना। सोमवार को संदीप कुमार क्लर्क बलबीर सिंह को तीन हजार रुपये देने के लिए गया। बलबीर ने तीन हजार रुपये लेकर रख लिए। उसी समय विजिलेंस विभाग की टीम ने छापामारी कर उससे तीन हजार रुपये बरामद कर लिए। एक-एक हजार की तीन नोट थे। क्लर्क का हाथ धुलवाते ही उसके हाथों पर गुलाबी रंग आ गया।
विज्ञापन