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डीईओ को स्कूलों की जर्जर इमारतों की जांच के आदेश
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 27 May 2014 11:28 PM IST
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स्कूली बच्चों की जिंदगी महफूज बनाने के मकसद से पंजाब शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों का सर्वेक्षण कराने का फैसला किया है।
इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को हिदायत दे दी गई हैं। जो पीडब्ल्यूडी के जरिए असुरक्षित स्कूल इमारतों का सर्वेक्षण कराकर रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे।
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के दावे करता रहा है, लेकिन पिछले दिनों हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में कहा गया था कि अभी भी कई स्कूलों की इमारतें असुरक्षित हैं।
याची ने कुछ स्कूलों का ब्योरा और तस्वीरें भी अदालत में पेश की थीं। जिनमें मोहाली, नवांशहर और लुधियाना के सरकारी स्कूल शामिल थे। किस स्कूल में कितने कमरे असुरक्षित हैं, इसका ब्योरा भी याचिका में दिया गया था।
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याचिका में कहा गया था कि कई सरकारी स्कूलों के काफी कमरे असुरक्षित हैं। इसके बावजूद इस्तेमाल की जा रही हैं। जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है और नए सिरे से सभी सरकारी स्कूलों की इमारतों का सर्वे कराने का फैसला किया है।
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में हिदायत जारी कर दी गई है। उन्हें कहा गया है कि वे ब्लॉक स्तर के पीडब्ल्यूडी विभाग के जूनियर इंजीनियरों से सरकारी स्कूलों की इमारतों का सर्वे कराएं।
तीस मई तक असुरक्षित इमारतों की सारी रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए। ऐसा न करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीईओ की रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग असुरक्षित इमारतों में सुधार की कवायद शुरू करेगा।
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इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को हिदायत दे दी गई हैं। जो पीडब्ल्यूडी के जरिए असुरक्षित स्कूल इमारतों का सर्वेक्षण कराकर रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे।
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के दावे करता रहा है, लेकिन पिछले दिनों हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में कहा गया था कि अभी भी कई स्कूलों की इमारतें असुरक्षित हैं।
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याची ने कुछ स्कूलों का ब्योरा और तस्वीरें भी अदालत में पेश की थीं। जिनमें मोहाली, नवांशहर और लुधियाना के सरकारी स्कूल शामिल थे। किस स्कूल में कितने कमरे असुरक्षित हैं, इसका ब्योरा भी याचिका में दिया गया था।
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याचिका में कहा गया था कि कई सरकारी स्कूलों के काफी कमरे असुरक्षित हैं। इसके बावजूद इस्तेमाल की जा रही हैं। जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है और नए सिरे से सभी सरकारी स्कूलों की इमारतों का सर्वे कराने का फैसला किया है।
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में हिदायत जारी कर दी गई है। उन्हें कहा गया है कि वे ब्लॉक स्तर के पीडब्ल्यूडी विभाग के जूनियर इंजीनियरों से सरकारी स्कूलों की इमारतों का सर्वे कराएं।
तीस मई तक असुरक्षित इमारतों की सारी रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए। ऐसा न करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीईओ की रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग असुरक्षित इमारतों में सुधार की कवायद शुरू करेगा।