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पंजाब में सांसों पर संकट: मंडी गोबिंदगढ़ की हवा सबसे खराब, AQI 238 दर्ज; चार शहर यलो जोन में
Sun, 19 Oct 2025 09:25 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 19 Oct 2025 09:25 AM IST
सार
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पराली जलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। 104 मामलों में 5 लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। इसमें से 3.65 लाख रुपये की वसूली भी कर ली गई है।
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- फोटो : Istock
विस्तार
पंजाब में पराली के लगातार जलने से प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। शनिवार को मंडी गोबिंदगढ़ की हवा सबसे खराब रही जहां का एक्यूआई 238 दर्ज किया गया। चार अन्य शहरों का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया। इनमें जालंधर का 151, खन्ना का 114, लुधियाना का भी 114 और पटियाला का 103 दर्ज किया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक खराब श्रेणी के एक्यूआई में ज्यादा देर तक बाहर रहने पर अधिकतर लोगों को सांस लेने में समस्या होने का खतरा रहता है। पंजाब में 20 नए मामलों के साथ पराली जलाने के कुल मामले 208 हो गए हैं।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पराली जलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। 104 मामलों में 5 लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। इसमें से 3.65 लाख रुपये की वसूली भी कर ली गई है जबकि 119 मामलों में बीएनएस की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। 81 रेड एंट्री की गई हैं।
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डॉक्टरों के मुताबिक खराब श्रेणी के एक्यूआई में ज्यादा देर तक बाहर रहने पर अधिकतर लोगों को सांस लेने में समस्या होने का खतरा रहता है। पंजाब में 20 नए मामलों के साथ पराली जलाने के कुल मामले 208 हो गए हैं।
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पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पराली जलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। 104 मामलों में 5 लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। इसमें से 3.65 लाख रुपये की वसूली भी कर ली गई है जबकि 119 मामलों में बीएनएस की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। 81 रेड एंट्री की गई हैं।
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