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चंडीगढ़ में कांग्रेस का प्रदर्शन: सचिन पायलट की अगुवाई में रोष मार्च, पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रोका
Tue, 15 Sep 2026 02:06 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 15 Sep 2026 02:06 PM IST
सार
दिवंगत गुलजार सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए निकाला जाने वाला मार्च मंत्री हरपाल चीमा के आवास की ओर जाएगा। कांग्रेस ने चीमा को मंत्री पद से हटाने, इस्तीफा लेने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग
- फोटो : संवाद
विस्तार
संगरूर के तूरबंजारा गांव निवासी गुलजार सिंह द्वारा की गई आत्महत्या के विरोध में पंजाब के वित्त मंत्री का घर घेरने जा रहे कांग्रेसियों को चंडीगढ़ पुलिस ने पानी की बौछारों से रोक दिया। पंजाब कांग्रेस के इस रोष मार्च की अगुवाई कर रहे सूबे के नए प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी समेत अन्य नेताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। करीब एक घंटा हिरासत में रखने के बाद उन्हें रिहा किया गया।
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कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच इस टकराव में जमकर धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें कुछ पुलिस जवानों और कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें भी आईं। वित्त मंत्री के आवास का घेराव करने के लिए मंगलवार को पंजाब के विभिन्न इलाकों से काफी संख्या में कांग्रेसी चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर एकत्रित हुए। यहां पहले एक जनसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान नए प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट समेत पीसीसी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व डिप्टी सीएम व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, ब्रह्म मोहिंद्रा, विजय इंदर सिंगला, राणा के.पी. सिंह, डॉ. अमर सिंह, सुखपाल सिंह खैरा, राणा गुरजीत सिंह, गुरजीत सिंह औजला, भारत भूषण आशु, डॉ. राज कुमार वेरका, सुखविंदर सिंह डैनी, संगत सिंह गिलजियां, कुलजीत सिंह नागरा, अमरप्रीत लाली, लखवीर सिंह लखा, बलबीर सिंह सिद्धू, अमित विज, पवन आदिया, सुखविंदर सिंह सरकारिया, इंद्रबीर बुलारिया, गुरकीरत सिंह, बलजीत कौर समेत अन्य नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
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संबोधन के बाद प्रभारी सचिन पायलट की अगुवाई में सभी नेता और कार्यकर्ता वित्त मंत्री के आवास की ओर कूच करने लगे मगर थोड़ी ही दूरी पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान आगे बढ़ने की जिद पर अड़े कांग्रेसियों का पुलिस जवानों से टकराव हो गया। जमकर धक्का-मुक्की हुई, मगर कांग्रेसी नहीं माने। हाथ में काला झंडा लिए प्रदेशाध्यक्ष वड़िंग बैरिकेड पर चढ़ गए और उन्होंने जैसे ही डंडे समेत काला झंडा पुलिस पार्टी की ओर फेंक दिया तभी वाटर कैनन सक्रिय हो दिए और पुलिस ने पानी की बौछारों से कांग्रेसियों को तितर-बितर कर दिया।
नशे की होम डिलीवरी हो रही : पायलट
रोष मार्च से पूर्व नए प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब में इस वक्त नशे के हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। नशे की होम डिलीवरी हो रही है। कांग्रेस का वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कोई निजी मामला नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि जब किसी व्यक्ति ने अपने आखिरी बयान में मंत्री का नाम लिया है, तो क्या कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज कर जांच नहीं होनी चाहिए? पायलट ने कहा कि गुलजार सिंह की आत्महत्या पंजाब के हालात को दिखाती है। आप सरकार जो दावे कर रही है, जमीन पर हालात उससे बिल्कुल अलग हैं। उनके अनुसार एक गरीब दलित व्यक्ति को सिर्फ इसलिए अपनी जान गंवानी पड़ी क्योंकि उसने अपने बेटे को लग रही ड्रग्स की लत और राज्य में ड्रग्स की आसानी से उपलब्धता पर सवाल उठाया था।
पायलट की मौजूदगी में एक मंच पर दिखे धड़े
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट की चंडीगढ़ में मौजूदगी ने पार्टी की अंदरूनी कलह के बीच एक नई तस्वीर पेश की। इसके बाद पंजाब कांग्रेस की कलह पर विराम की उम्मीद जगी है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा के खिलाफ प्रदर्शन में लंबे समय से अलग-अलग खेमों में नजर आ रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर दिखाई दिए। चन्नी और वड़िंग की ढाई महीने बाद एक मंच पर मौजूदगी को खास तौर पर अहम माना जा रहा है। पार्टी में लंबे समय से चन्नी और वड़िंग खेमों के बीच खींचतान रही है। ऐसे में पायलट की मौजूदगी में नेताओं का साथ आना उनके लिए शुरुआती सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह तस्वीर स्थायी एकता में बदलती है या नहीं, असली परीक्षा आने वाले दिनों में होगी।
क्या है गुलजार आत्महत्या कांड?
संगरूर के तूर बंजारा गांव के दलित दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह ने 6 सितंबर को एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के कार्यक्रम में गांव में खुलेआम बिक रहे नशे और अपने बेटे की नशे की लत के संदर्भ में सवाल किया था। आरोप है कि इसके बाद उन पर माफी मांगने और कथित तौर पर अपमानित किए जाने का दबाव बनाया गया। गुलजार ने जहरीला पदार्थ खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस दौरान एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें मरने से पहले गुलजार आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों का नाम ले रहा है। पुलिस ने सरपंच समेत पांच लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।