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Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Punjab Assembly Elections: 31-Vote Win, 53-Vote Defeat as Several Seats Witnessed Close Contests

एक-एक वोट की कीमत: यहां 31 वोट से जीत तो यहां 53 वोट से मिली हार; पंजाब की कई सीटों पर रोमांचक रहे मुकाबले

Mon, 19 Oct 2026 02:36 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 19 Oct 2026 02:36 PM IST
सार

पंजाब विधानसभा चुनाव में पिछली बार कई सीटों पर मुकाबले रोमांचक रहे थे। इस बार भी इन सीटों पर सभी दलों की नजर है। पिछली बार जालंधर पश्चिम सीट पर मात्र 247 मत से आप उम्मीदवार जीते थे। फिरोजपुर ग्रामीण सीट के नतीजों ने भी सबको चौंकाया था।

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Punjab Assembly Elections: 31-Vote Win, 53-Vote Defeat as Several Seats Witnessed Close Contests
पंजाब विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर मुकाबला इतना कड़ा रहता है कि जीत और हार का फैसला चंद वोटों से हो जाता है। कहीं महज 31 वोट से उम्मीदवार की जीत होती है, तो कहीं 53 वोट से हार का सामना करना पड़ता है। पिछले चुनाव में भी सूबे की कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। 
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जालंधर पश्चिम सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने महज 247 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में इन करीबी मुकाबलों वाली सीटों पर सभी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी, क्योंकि यहां एक-एक वोट न केवल उम्मीदवार की किस्मत, बल्कि पार्टी की चुनावी रणनीति के लिए भी निर्णायक साबित हो सकता है।
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अगर वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव की बात करें तो फिल्लौर सीट पर अविनाश चंद्र ने मात्र 31 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उन्होंने रोमांचक मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी संतोख सिंह चौधरी को मात दी थी। चंद्र और चौधरी दोनों को ही 32.5 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे जिस कारण जीत का अंतर काफी कम रहा था। 
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इस सीट पर तीसरे नंबर पर बसपा प्रत्याशी बलदेव सिंह रहे थे जिन्होंने 42,328 मत प्राप्त किए थे। 2017 चुनाव में भी सीट पर कड़ा मुकाबला हो सकता है क्योंकि सभी दल पूरा जोर लगा रहे हैं। इसी तरह दसूहा विधानसभा सीट पर 1997 के चुनाव के दौरान जीत का अंतर सिर्फ 53 मत था। 

इस सीट पर कांग्रेस के रोमेश चंद्र ने महंत राम प्रकाश को हराया था। रोमेश को जहां 39.25 प्रतिशत मत पड़े थे, वहीं महंत भी 39.19 मत प्राप्त करने में सफल रहे थे इसलिए इस सीट पर भी वर्ष 2027 चुनाव में सभी दलों की नजर है।
 

पट्टी में मात्र 59 मतों से जीते थे कैरों
इसी तरह वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में पट्टी सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प रहा था। इस सीट पर शिअद उम्मीदवार आदेश प्रताप सिंह कैरों ने मात्र 59 मतों के फर्क से जीत दर्ज की थी। उन्होंने 47.79% मत प्राप्त करके कांग्रेसी प्रत्याशी हरमिंदर सिंह गिल को हराया था। गिल को 47.75% मत पड़े थे। पिछले चुनाव में इस सीट पर आप प्रत्यशी लालजीत सिंह भुल्लर ने रौचक मुकाबले में कैरों को हराया था।

 

फिरोजपुर ग्रामीण सीट के नतीजों ने था चौंकाया
वर्ष 2012 चुनाव के दौरान फिरोजपुर ग्रामीण के नतीजों ने भी सभी को चौंका दिया था क्योंकि इस सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था। शिअद उम्मीदवार जोगिंदर सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी सत्कार कौर को मात्र 162 मतों से हराया था। जोगिंदर सिंह को जहां 45.40 प्रतिशत मत पड़े थे, वहीं सत्कार ने भी 45.28 फीसदी वोट हासिल किए थे। पिछले चुनाव में इस सीट पर आप से रजनीश कुमार दहिया ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी इस सीट पर रौचक मुकाबला होने के आसार है।

 

जगरांव में सिर्फ 206 मतों से कलेर ने दर्ज की थी जीत
इसी तरह वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव के दौरान जगरांव में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। इस सीट पर शिअद प्रत्याशी शिव राम कलेर सिर्फ 206 मतों के अंतर से विजय रहे थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी ईशर सिंह को हराया था। कलेर ने 43.49 फीसदी वोट हासिल किए थे जबकि ईशर को 43.32 प्रतिशत मत पड़े थे।

 

पिछले चुनाव में जालंधर सेंट्रल के नतीजे रहे थे दिलचस्प
इसी तरह वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान जालंधर सेंट्रल सीट के नतीजे दिलचस्प रहे थे। इस सीट पर आप से रमन अरोड़ा ने कांग्रेस उम्मीदवार राजिंदर बेरी को 247 वोटों से हराया था। अरोड़ा 31.30 और बेरी को 31 फीसदी वोट पड़े थे। यहां से भाजपा उम्मीदवार मनोरंजन कालिया ने भी 26.50 प्रतिशत वोट प्राप्त किए थे। 

 

इसी तरह इस चुनाव में डेरा बाबा नानक सीट पर भी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी 466 मतों के फर्क से जीत दर्ज की थी। उन्होंने शिअद प्रत्याशी रविकरण सिंह काहलों को हराया था। इन सभी सीटों पर इस बार भी मुकाबला कड़ा हो सकता है जिस कारण सभी राजनीतिक दलों ने अभी से यहां अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
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