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Firozpur: सरहद पर बसे भारतीय गांवों को पाकिस्तान की तरफ से भी खतरा, पानी में आ रहे मगरमच्छ और जहरीले सांप

Fri, 05 Sep 2025 03:10 PM IST
निवेदिता वर्मा सीमांत गांव बहक पछाड़ियां से अनिल कुमार
सीमांत गांव बहक पछाड़ियां से अनिल कुमार Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 05 Sep 2025 03:10 PM IST
सार

ग्रामीण रेशम सिंह व जसविंदर सिंह ने बताया कि बहक पछाड़ियां के नजदीक पाकिस्तान के तरफ 20 फीट गहरा पानी है। इसमें सरहद पर लगी फेंसिंग भी पूरी तरह डूबी हुई है। फेंसिंग के पास बना बांध फिरोजपुर के सीमावर्ती गांवों को बचाए हुए हैं।

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Indian villages situated on border in Firozpur facing threat from Pakistan
फिरोजपुर के सीमावर्ती गांव बहक पछाड़ियां के पास पानी में डूबी सरहद पर लगी फेंसिंग। - फोटो : संवाद

विस्तार

सरहद पर बसे गांव बहक पछाड़ियां के पास पाकिस्तान की तरफ से भारतीय गांवों को पानी का खतरा मंडराने लगा है। सरहद पर लगी फेंसिंग पूरी तरह पानी में डूब चुकी है। गांवों में भरे पानी में मगरमच्छ व जहरीले सांप से लोग भयभीत हैं। कई गांवों में लोगों ने मगरमच्छ देखे हैं।
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ग्रामीण रेशम सिंह व जसविंदर सिंह ने बताया कि बहक पछाड़ियां के नजदीक पाकिस्तान के तरफ 20 फीट गहरा पानी है। इसमें सरहद पर लगी फेंसिंग भी पूरी तरह डूबी हुई है। फेंसिंग के पास बना बांध फिरोजपुर के सीमावर्ती गांवों को बचाए हुए हैं। इस बांध के टूटने पर 30-35 गांव को नुकसान पहुंच सकता है। लोग इस बांध की मजबूती करने पर लगे हुए हैं। सीमावर्ती सभी गांव पानी की चपेट में हैं। पानी में मगरमच्छ भी आ गए हैं। लोगों ने मगरमच्छ व जहरीले सांप देखे हैं।
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यह भी पढ़ें: ग्राउंड रिपोर्ट: रमदास में चारों ओर पानी ही पानी, लोग बोले-जितना नुकसान हुआ, उसे कोई मुआवजा नहीं भर सकता
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मेडिकल कैंप स्थापित करने की मांग

गांव बहक पछाड़ियां दौरा करने पहुंचीं सिविल सर्जन डॉक्टर राजविंदर कौर को भी लोगों ने बताया कि यहां पर मगरमच्छ व जहरीले सांप देखे गए हैं। ग्रामीणों ने सिविल सर्जन से कहा कि यहां पर मेडिकल कैंप स्थापित किया जाए, ताकि लोगों का चेकअप हो सके। बीमार लोग और पानी के जीव-जंतु के काटने से दूर जाने में जानी नुकसान हो सकता है। चारों तरफ पानी ही पानी है। नजदीक मेडिकल कैंप बनने से लोगों की मदद हो सकती है।

1988 से ज्यादा पानी आया

ग्रामीण गुरदेव सिंह व जोगिंदर सिंह ने बताया कि बांध की मजबूती में ग्रामीण जुटे हुए हैं। बीएसएफ भी उनका साथ दे रही है। बहुत से घर भी पानी में गिर चुके हैं। ग्रामीणों का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। पानी कम होने के बाद ही नुकसान का अनुमान लगेगा क्योंकि इस बार वर्ष 1988 से ज्यादा पानी आया है। यह रिकॉर्ड है। इससे पहले इतनी भयानक बाढ़ कभी नहीं आई है।
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