शंभू बॉर्डर पर बैठे किसान: पंधेर बोले- 12 दिन से चल रही है भूख हड़ताल, कल दोपहर 12 बजे दिल्ली रवाना होगा जत्था
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमारी भूख हड़ताल ने 12वें दिन में प्रवेश कर लिया है। यह संघर्ष हमारे अधिकारों और न्याय के लिए है। हमारा जत्था शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा और सुनिश्चित करेगा कि किसी भी नियम का उल्लंघन न हो।
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किसानों के मुद्दों को लेकर शंभू बॉर्डर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों के साथ हो रही क्रूरता को लेकर अब और चुप नहीं बैठा जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि बुधवार को दोपहर 12 बजे 101 किसानों का एक जत्था शांतिपूर्वक तरीके से दिल्ली के लिए रवाना होगा।
#WATCH | At the Shambhu border, farmer leader Sarwan Singh Pandher says, "Why are farmers being treated with brutality?... Taking cognisance of the whole situation, tomorrow at noon, a group of 101 will depart for Delhi. Our hunger strike has entered its 12th day... Our group… pic.twitter.com/4FqpLU8cEU
— ANI (@ANI) December 7, 2024विज्ञापन
सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमारी भूख हड़ताल ने 12वें दिन में प्रवेश कर लिया है। यह संघर्ष हमारे अधिकारों और न्याय के लिए है। हमारा जत्था शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा और सुनिश्चित करेगा कि किसी भी नियम का उल्लंघन न हो।
सरकार ने पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच रोकने के लिए हरियाणा-पंजाब सीमा के टटियाना बॉर्डर पर दूसरे दिन भी पहरा बरकरार रहा। यहां पर हरियाणा पुलिस के जवान को तैनात किया गया है। हालांकि बॉर्डर पर दूसरे दिन भी किसानों की किसी तरह की कोई हलचल न होने पर रास्ते को बंद नहीं किया है, लेकिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
फरवरी में किसानों को रोकने के लिए टटियाना बॉर्डर पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उस समय घग्गर नदी पुल पर किसानों को रोकने के लिए घग्गर नदी पुल पर कीलें, सरिए, सीमेंट के भारी ब्लॉक, बुलडोजर, रोड रोलर और बैरिकेडिंग की गई थी। करीब डेढ़ महीने के बाद रास्ते को खोला गया था। अब करीब आठ महीने बाद दोबारा किसानों को रोकने की स्थिति उत्पन्न हुई तो सरकार ने बॉर्डर पर दोबारा पहरा लगा दिया है। उधर, पंजाब की तरफ से किसानों की कोई हलचल नहीं है।
अब की बार बदला है किसान आंदोलन का स्वरूप
इस बार किसान आंदोलन का स्वरूप बदल रहा है। पिछली बार किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर देश की राजधानी दिल्ली में जाना चाहते थे, लेकिन इस बार पिछले लंबे समय से हरियाणा पंजाब के शंभू बॉर्डर पर बैठे किसान पैदल ही दिल्ली कूच करने का ऐलान कर चुके हैं। पैदल जाने वाले किसानों को भी दिल्ली में आंदोलन करने की अनुमति फिलहाल नहीं मिली है। टटियाना बॉर्डर पर भी हालत फिलहाल सामान्य ही दिखाई दे रहे हैं। दोनों तरफ से वाहनों का आगमन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
किसान आंदोलन के तहत टटियाना नाका का एसपी ने किया निरीक्षण
किसान आंदोलन के दृष्टिगत कानून व्यवस्था के संबंध में कैथल पंजाब बॉर्डर स्थित टटियाना नाका का शनिवार को एसपी राजेश कालिया ने निरीक्षण किया। एसपी राजेश कालिया ने टटियाना नाका पर जांच करते हुए वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एसपी ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी कर्मचारी व अधिकारी निष्ठा पूर्वक कर्तव्य पालना करते हुए सुदृढ कानून-व्यवस्था कायम रखेंगें।
ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों को हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, कैन-शिल्ड सहित अन्य एंटी राइट इक्विपमेंट से लैस रहने के निर्देश दिए गये है। पुलिस का प्रयास रहेगा कि जिला में किसी भी रूप से कानून व्यवस्था प्रभावित न हो इसके लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। किसी भी सूरत में किसी को कानून व्यवस्था हाथ में नहीं लेने दी जाएगी। कानून व्यवस्था खराब करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।