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फरीदकोट जल सप्लाई विभाग में गबन: एक्सईएन समेत छह अधिकारियों और तीन ठेकेदारों पर केस दर्ज, विजिलेंस का एक्शन

Sat, 24 Oct 2026 01:05 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट Published by: Nivedita Updated Sat, 24 Oct 2026 01:05 PM IST
सार

25 अक्तूबर को सात कार्यों के कोटेशन मांगे गए, जिनकी शुरुआती लागत 49,900 रुपये प्रति कार्य थी। आरोप है कि छह कार्यों की लागत बढ़ाकर करीब पांच लाख रुपये प्रति कार्य कर दी गई और तत्कालीन सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सुखपिंदर सिंह के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से मंजूरी ली गई।

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Embezzlement in Faridkot Water Supply Dept Case against six officials three contractors Vigilance
फरीदकोट जल सप्लाई विभाग - फोटो : संवाद

विस्तार

जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग में 24.34 लाख रुपये के गबन के मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने छह अधिकारियों-कर्मचारियों और तीन ठेकेदारों समेत नौ लोगों पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि जलापूर्ति योजना के रखरखाव के नाम पर बिना काम करवाए फर्जी बिलों से भुगतान लिया गया।
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नामजद आरोपियों में एक्सईएन जसविंदर सिंह, एसडीओ संदीप सिंह, जेई परविंदर सिंह, सीनियर असिस्टेंट जस्मित सिंह व तारा सिंह, डाटा एंट्री ऑपरेटर सतनाम सिंह और ठेकेदार करनैल सिंह, हरदीप सिंह व जसवीर सिंह शामिल हैं। जांच के मुताबिक, 23 अक्टूबर 2024 को योजना के रखरखाव के लिए 73.36 लाख रुपये जारी हुए थे। 
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25 अक्तूबर को सात कार्यों के कोटेशन मांगे गए, जिनकी शुरुआती लागत 49,900 रुपये प्रति कार्य थी। आरोप है कि छह कार्यों की लागत बढ़ाकर करीब पांच लाख रुपये प्रति कार्य कर दी गई और तत्कालीन सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सुखपिंदर सिंह के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से मंजूरी ली गई।
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सुखपिंदर सिंह ने हस्ताक्षरों से इनकार किया था। जांच में कार्य पूरे होने का रिकॉर्ड तैयार कर 28 अक्टूबर को बिल बनाने और 29 अक्टूबर को ठेकेदारों के खातों में भुगतान करने की बात सामने आई। बिना मौके का निरीक्षण किए मेजरमेंट बुक में प्रविष्टियां करने का आरोप भी है। विभागीय जांच के बाद जनवरी 2025 में एक्सईएन समेत चार कर्मचारियों को निलंबित कर मामला विजिलेंस को सौंपा गया था। इस मामले में डीएसपी विजिलेंस विनोद कुमार के अनुसार, मामले की जांच जारी है।
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