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भाजपा कार्यालय ग्रेनेड हमला: गूगल पर खोज, 15 मिनट रेकी और फिर धमाका; सेक्टर-33 में भीड़ देख बदली जगह
Fri, 16 Oct 2026 08:29 AM IST
Nivedita
सचिन चाैधरी, संवाद, चंडीगढ़
सचिन चाैधरी, संवाद, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 16 Oct 2026 08:29 AM IST
सार
एक अप्रैल 2026 की शाम को चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर एक चाइनीज हैंड ग्रेनेड से धमाका किया गया था। अब इस मामले में दायर चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है।
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चंडीगढ़ भाजपा आफिस पर हमले में खुलासा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-37 के भाजपा कार्यालय पर ग्रेनेड हमला करने से पहले आरोपियों ने सेक्टर-33 के पार्टी कार्यालय को निशाना बनाने की कोशिश की थी। वहां ज्यादा भीड़ देखकर दोनों ने हमला करने का इरादा बदल दिया।
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इसके बाद गूगल पर भाजपा कार्यालय खोजा और सेक्टर-37 पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की ओर से जुलाई माह में जिला अदालत में दाखिल चार्जशीट में हमले से पहले की रेकी, वारदात के तरीके और भागने के घटनाक्रम का ब्योरा दिया गया है।
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चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी अमनप्रीत सिंह उर्फ अमन और गुरतेज सिंह उर्फ तेजी बस से सेक्टर-43 बस स्टैंड पहुंचे। वहां से सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय गए लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण हमला नहीं किया। दोनों ने गूगल पर दूसरे भाजपा कार्यालय की जानकारी खोजी। सेक्टर-37 में कार्यालय का पता चलने पर वे ऑटो से वहां पहुंचे। दोनों शाम करीब साढ़े चार बजे सेक्टर-37 पहुंचे थे।
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15-20 मिनट तक की रेकी, दीवार पर मारा ग्रेनेड
पुलिस की जांच के अनुसार, दोनों आरोपियों ने सेक्टर-37 स्थित कार्यालय के आसपास करीब 15 से 20 मिनट तक घूमकर माहौल का जायजा लिया। इसके बाद अमनप्रीत ने ग्रेनेड का पिन निकाला और उसे कार्यालय की दीवार पर जोर से मारा। वारदात के बाद दोनों वहां से भाग निकले। जांच में सामने आया कि गुरतेज ने विदेशी संपर्क औजला के कहने पर हमले का वीडियो बनाया और उसे जंगी एप पर अपलोड किया।
सिटी बस से गांव पहुंचे, वायरल तस्वीरों से घबराए
हमले के बाद दोनों सिटी बस से खरड़ होते हुए मोरिंडा के गांव रतनगढ़ पहुंचे और रातभर घर पर रहे। अगले दिन इंटरनेट मीडिया पर अपनी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने की जानकारी मिलने पर वे घबरा गए। पुलिस से बचने के लिए घर छोड़ दिया। इसके बाद बस और ट्रेन से रेवाड़ी की ओर भागे। इससे पहले दोनों खाटू श्याम भी गए और वहां करीब एक दिन रुके। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कथित आतंकी साजिश और विदेश से फंडिंग के तार सामने आए।
पुलिस की जांच के अनुसार, दोनों आरोपियों ने सेक्टर-37 स्थित कार्यालय के आसपास करीब 15 से 20 मिनट तक घूमकर माहौल का जायजा लिया। इसके बाद अमनप्रीत ने ग्रेनेड का पिन निकाला और उसे कार्यालय की दीवार पर जोर से मारा। वारदात के बाद दोनों वहां से भाग निकले। जांच में सामने आया कि गुरतेज ने विदेशी संपर्क औजला के कहने पर हमले का वीडियो बनाया और उसे जंगी एप पर अपलोड किया।
सिटी बस से गांव पहुंचे, वायरल तस्वीरों से घबराए
हमले के बाद दोनों सिटी बस से खरड़ होते हुए मोरिंडा के गांव रतनगढ़ पहुंचे और रातभर घर पर रहे। अगले दिन इंटरनेट मीडिया पर अपनी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने की जानकारी मिलने पर वे घबरा गए। पुलिस से बचने के लिए घर छोड़ दिया। इसके बाद बस और ट्रेन से रेवाड़ी की ओर भागे। इससे पहले दोनों खाटू श्याम भी गए और वहां करीब एक दिन रुके। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कथित आतंकी साजिश और विदेश से फंडिंग के तार सामने आए।
डेढ़ लाख रुपये भेजे, हमलावरों को मिले पांच-पांच हजार
पुलिस जांच के मुताबिक, पुर्तगाल, जर्मनी और फ्रांस में बैठे विदेशी हैंडलरों ने हमले के लिए अलग-अलग किस्तों में करीब डेढ़ लाख रुपये भेजे थे। ग्रेनेड फेंकने वाले दोनों आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये मिले। अमनप्रीत के खाते में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।
पुलिस के अनुसार, साजिश पुर्तगाल में बैठे बलजोत सिंह उर्फ जोता ने रची थी। फ्रांस में मौजूद सुरजीत सिंह उर्फ सरपंच और जर्मनी में बैठे औजला ने उसका साथ दिया। जांच में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये हथियार और विस्फोटक भारत पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई। इनमें दो हैंड ग्रेनेड, एक पिस्तौल और 25 से 30 कारतूस शामिल बताए गए। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी ग्रेनेड को प्याज और गोलियों को दाने कोडवर्ड से बुलाते थे।
11 आरोपी गिरफ्तार, अब एनआईए करेगी जांच
सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा तीन के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। पुलिस ने 13 जुलाई 2026 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की धाराएं भी जोड़ी गईं। कथित आतंकी साजिश और विदेशी फंडिंग के पहलू सामने आने के बाद आगे की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है। अब एनआईए विदेशी संपर्कों, हथियारों की आपूर्ति, फंडिंग और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल करेगी।
पुलिस जांच के मुताबिक, पुर्तगाल, जर्मनी और फ्रांस में बैठे विदेशी हैंडलरों ने हमले के लिए अलग-अलग किस्तों में करीब डेढ़ लाख रुपये भेजे थे। ग्रेनेड फेंकने वाले दोनों आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये मिले। अमनप्रीत के खाते में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।
पुलिस के अनुसार, साजिश पुर्तगाल में बैठे बलजोत सिंह उर्फ जोता ने रची थी। फ्रांस में मौजूद सुरजीत सिंह उर्फ सरपंच और जर्मनी में बैठे औजला ने उसका साथ दिया। जांच में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये हथियार और विस्फोटक भारत पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई। इनमें दो हैंड ग्रेनेड, एक पिस्तौल और 25 से 30 कारतूस शामिल बताए गए। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी ग्रेनेड को प्याज और गोलियों को दाने कोडवर्ड से बुलाते थे।
11 आरोपी गिरफ्तार, अब एनआईए करेगी जांच
सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा तीन के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। पुलिस ने 13 जुलाई 2026 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की धाराएं भी जोड़ी गईं। कथित आतंकी साजिश और विदेशी फंडिंग के पहलू सामने आने के बाद आगे की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है। अब एनआईए विदेशी संपर्कों, हथियारों की आपूर्ति, फंडिंग और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल करेगी।