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अंग्रेजी के टीचरों को ट्रेनिंग देगी ब्रिटिश काउंसिल
अमर उजाला चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Nov 2013 01:31 PM IST
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सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की अंग्रेजी विषय में रुचि बढ़ाने और उनको समय के अनुसार ढालने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने ब्रिटिश काउंसिल से समझौता किया है।
जिसके तहत स्कूलों में 9वीं और 10वीं श्रेणी को अंग्रेजी विषय पढ़ा रहे अध्यापकों को एक्टिविटी आधारित अध्यापन की ट्रेनिंग देने के लिए रसमा अधीन प्रोजेक्ट चलाया गया है।
पंजाब के शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2011 में आरंभ किया गया था, जिसके तहत अब तक लगभग 6000 अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और अब लगभग तीन हजार और अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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उन्हाेंने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापकों को नई और रुचिदायक गतिविधियों पर आधारित अध्यापन में प्रशिक्षित करना है ताकि विद्यार्थियों का अंग्रेजी भाषा के प्रति भय को समाप्त किया जा सके।
ब्रिटिश काउंसिल द्वारा सबसे पहले पंजाब के स्कूलों में पढ़ा रहे अध्यापकों में से मास्टर ट्रेनरों का चयन किया जाता है।
इसके लिए ब्रिटिश काउंसिल लिखित परीक्षा और इंटरव्यू लेती है।
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जिसके तहत स्कूलों में 9वीं और 10वीं श्रेणी को अंग्रेजी विषय पढ़ा रहे अध्यापकों को एक्टिविटी आधारित अध्यापन की ट्रेनिंग देने के लिए रसमा अधीन प्रोजेक्ट चलाया गया है।
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पंजाब के शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2011 में आरंभ किया गया था, जिसके तहत अब तक लगभग 6000 अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और अब लगभग तीन हजार और अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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उन्हाेंने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापकों को नई और रुचिदायक गतिविधियों पर आधारित अध्यापन में प्रशिक्षित करना है ताकि विद्यार्थियों का अंग्रेजी भाषा के प्रति भय को समाप्त किया जा सके।
ब्रिटिश काउंसिल द्वारा सबसे पहले पंजाब के स्कूलों में पढ़ा रहे अध्यापकों में से मास्टर ट्रेनरों का चयन किया जाता है।
इसके लिए ब्रिटिश काउंसिल लिखित परीक्षा और इंटरव्यू लेती है।