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पठानकोट में बेमियादी हड़ताल पर गए ईएमओ
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Mon, 13 Jun 2016 09:14 PM IST
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पठानकोट में मांगपत्र सौंपते अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए डाक्टर।
- फोटो : amarujala
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सरकार की ओर से नए भर्ती किए गए मेडिकल अफसर (जरनल) बैच 2015 व 2016 के समूह डाक्टर सोमवार को मांगो को लेकर हड़ताल पर चले गए। इन डाक्टरों ने एलान किया किया कि मांगें पूरी होने के बाद भी काम पर लौटेंगे।
सिविल अस्पताल में तैनात डा. मिक्की, डा. रुचिका, डा. राघव कुमार ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2015 व वर्ष 2016 के दौरान प्रदेश भर में 600 डाक्टरों की भर्ती की थी। इन डाक्टरों को मात्र 15 हजार 600 रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है और 2015 से पहले 2014 बैच के डाक्टरों को 61 हजार 500 रुपये वेतन दिया जा रहा है। यह सरासर अन्याय है। इन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान डाक्टर इमरजेंसी को छोड़ कर न तो ओपीडी का काम करेंगे और न ही किसी प्रकार का मेडिकोलीगल काम।
डाक्टरों ने कहा कि हड़ताल के दौरान यदि मरीज के साथ किसी भी प्रकार की कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। साथ ही कहा सरकार ने उनकी मांगों को तुरंत न माना तो वह संघर्ष और तेज कर देंगे। हड़ताल पर गए डाक्टरों ने मांगे पूरी करने के लिए नारेबाजी भी की।
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इस दौरान डाक्टरों ने सहायक सिविल सर्जन डाक्टर नैना सलाथीया को सरकार व विभागीय अधिकारियों के नाम पर मांगपत्र भी सौंपा। इस मौके पर डा. रोहित कुमार, डा. अमित, डा. पुनीत, डा. अमनदीप कौर, डा. शैलजा, डा. रोहित अत्री, डा. मुकुल मौजूद थे।
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सिविल अस्पताल में तैनात डा. मिक्की, डा. रुचिका, डा. राघव कुमार ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2015 व वर्ष 2016 के दौरान प्रदेश भर में 600 डाक्टरों की भर्ती की थी। इन डाक्टरों को मात्र 15 हजार 600 रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है और 2015 से पहले 2014 बैच के डाक्टरों को 61 हजार 500 रुपये वेतन दिया जा रहा है। यह सरासर अन्याय है। इन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान डाक्टर इमरजेंसी को छोड़ कर न तो ओपीडी का काम करेंगे और न ही किसी प्रकार का मेडिकोलीगल काम।
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डाक्टरों ने कहा कि हड़ताल के दौरान यदि मरीज के साथ किसी भी प्रकार की कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। साथ ही कहा सरकार ने उनकी मांगों को तुरंत न माना तो वह संघर्ष और तेज कर देंगे। हड़ताल पर गए डाक्टरों ने मांगे पूरी करने के लिए नारेबाजी भी की।
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इस दौरान डाक्टरों ने सहायक सिविल सर्जन डाक्टर नैना सलाथीया को सरकार व विभागीय अधिकारियों के नाम पर मांगपत्र भी सौंपा। इस मौके पर डा. रोहित कुमार, डा. अमित, डा. पुनीत, डा. अमनदीप कौर, डा. शैलजा, डा. रोहित अत्री, डा. मुकुल मौजूद थे।