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तरनतारनः बिना कर्फ्यू पास देखे एसपी ने जड़ा सेहत कर्मी को थप्पड़, विरोध करने पर थाने में बंद किया
Thu, 23 Apr 2020 02:11 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन
संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 02:11 PM IST
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तरनतारन में कोविड-19 से प्रथम कतार में लड़ाई लड़ रहे सेहत विभाग के एक कर्मचारी को बोहड़ी चौक के पास पंजाब पुलिस के एसपी ने बिना उसका कर्फ्यू पास देखे थप्पड़ जड़ दिया। इतना ही नहीं थप्पड़ का विरोध जताने पर उसे थाना सिटी में बंद कर दिया गया। घटना की सूचना जब सिविल सर्जन को मिली तो उनके हस्तक्षेप के बाद सेहत कर्मी को छुड़वाया गया।
सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात कर्मचारी गुरभेज सिंह ड्यूटी के दौरान एक साथी के साथ बोहड़ी चौक से सिविल अस्पताल जा रहा था। चौक के पास एसपी गुरचरण सिंह गोराया कर्फ्यू में सड़क पर घूम रहे लोगों को घर लौटने का सख्ती से आदेश दे रहे थे। इस बीच, सेहत विभाग के इस कर्मचारी को एसपी गोराया ने रोक लिया और बिना कुछ पूछे उसे थप्पड़ जड़ दिया।
कर्मचारी ने जब एसपी की मनमानी का विरोध किया तो उसे थाना सिटी में ले जाकर बंद कर दिया गया। इसकी सूचना सिविल सर्जन डॉ. अनूप कुमार को मिली तो उन्होंने डीएमसी डॉ. स्वर्णजीत धवन से बात की। धवन ने थाने में जाकर पुलिस अधिकारियों को बताया कि यह कर्मचारी ड्यूटी पर है और उसका कर्फ्यू पास भी बना हुआ है। इसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
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उधर, एसपी गुरचरण सिंह गोराया की धक्केशाही के खिलाफ सेहत विभाग के समूह कर्मचारियों रोष जताया और सिविल सर्जन को लिखित शिकायत दी। एसपी को अपनी गलती का अहसास करते तो आनन-फानन में उसने डीएसपी रैंक के अधिकारी को सिविल सर्जन कार्यालय भेजा।
करीब आधा घंटा बंद कमरे में बैठक चली, जिसके बाद आक्रोशित सेहत कर्मचारियों को शांत करवा दिया गया। हालांकि सेहत विभाग के कुछ कर्मियों ने दबी जुबान में कहा कि इस मामले में काफी प्रेशर है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि प्रेशर वाली कोई बात नहीं है, आपसी सहमति से राजीनामा हुआ है।
मैंने किसी को थप्पड़ नहीं मारा: एसपी
एसपी गुरचरण सिंह गोराया ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कर्मी से पास दिखाने को कहा था, लेकिन उसने नहीं दिखाया। वह ऊंची आवाज में बात कर रहा है, लेकिन उन्होंने उसे थप्पड़ नहीं मारा। दूसरी तरफ, एसएसपी ध्रुव दहिया का कहना है कि डीजीपी के आदेश के मुताबिक लोगों को कर्फ्यू का पालन करने लिए प्यार से जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस किसी पर दबाव नहीं बना रही।
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सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात कर्मचारी गुरभेज सिंह ड्यूटी के दौरान एक साथी के साथ बोहड़ी चौक से सिविल अस्पताल जा रहा था। चौक के पास एसपी गुरचरण सिंह गोराया कर्फ्यू में सड़क पर घूम रहे लोगों को घर लौटने का सख्ती से आदेश दे रहे थे। इस बीच, सेहत विभाग के इस कर्मचारी को एसपी गोराया ने रोक लिया और बिना कुछ पूछे उसे थप्पड़ जड़ दिया।
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कर्मचारी ने जब एसपी की मनमानी का विरोध किया तो उसे थाना सिटी में ले जाकर बंद कर दिया गया। इसकी सूचना सिविल सर्जन डॉ. अनूप कुमार को मिली तो उन्होंने डीएमसी डॉ. स्वर्णजीत धवन से बात की। धवन ने थाने में जाकर पुलिस अधिकारियों को बताया कि यह कर्मचारी ड्यूटी पर है और उसका कर्फ्यू पास भी बना हुआ है। इसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
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उधर, एसपी गुरचरण सिंह गोराया की धक्केशाही के खिलाफ सेहत विभाग के समूह कर्मचारियों रोष जताया और सिविल सर्जन को लिखित शिकायत दी। एसपी को अपनी गलती का अहसास करते तो आनन-फानन में उसने डीएसपी रैंक के अधिकारी को सिविल सर्जन कार्यालय भेजा।
करीब आधा घंटा बंद कमरे में बैठक चली, जिसके बाद आक्रोशित सेहत कर्मचारियों को शांत करवा दिया गया। हालांकि सेहत विभाग के कुछ कर्मियों ने दबी जुबान में कहा कि इस मामले में काफी प्रेशर है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि प्रेशर वाली कोई बात नहीं है, आपसी सहमति से राजीनामा हुआ है।
मैंने किसी को थप्पड़ नहीं मारा: एसपी
एसपी गुरचरण सिंह गोराया ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कर्मी से पास दिखाने को कहा था, लेकिन उसने नहीं दिखाया। वह ऊंची आवाज में बात कर रहा है, लेकिन उन्होंने उसे थप्पड़ नहीं मारा। दूसरी तरफ, एसएसपी ध्रुव दहिया का कहना है कि डीजीपी के आदेश के मुताबिक लोगों को कर्फ्यू का पालन करने लिए प्यार से जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस किसी पर दबाव नहीं बना रही।