Amritsar: श्री हरमंदिर साहिब में स्थापित सोलर सिस्टम हर माह पैदा कर रहा है 64 हजार यूनिट बिजली, अब अलग-अलग गुरुद्वारों में लगेंगे सोलर बिजली पैनल
एसजीपीसी की ओर से श्री हरमंदिर साहिब के अलग-अलग कार्यालयों व सरायों पर स्थापित किए गए सोलर पैनलों की स्वीकृति कैप्टर अमरिंदर सिंह की सरकार की ओर से दी गई थी। 525 किलोवाट बिजली पैदा होने से करीब 2000 टन पैदा होने वाली कार्बन डाई ऑक्साइड से वातावरण को मुक्ति मिलेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमृतसर के श्री हरिमंदिर साहिब में सोलर ऊर्जा से बिजली पैदा करनी शुरू कर दी गई है। एसजीपीसी की ओर से पांच माह पूर्व 525 किलोवाट का सोलर पैनल यूनिट लगाया गया है। इससे एसजीपीसी को 25 से 30 प्रतिशत से अधिक बिजली बिल की बचत होगी। यह सोलर पैनल हर माह 64 हजार यूनिट बिजली पैदा कर रहा है।
एसजीपीसी की ओर से अमेरिका के सिख संगठन, यूनाइटेड सिख मिशन अमेरिका के सहयोग से यह सोलर प्लांट शुरू किया गया है। इसके ऊपर करीब तीन करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए चार माह का समय लगा है। एसजीपीसी अब अपने प्रबंधों के अधीन आने वाले अलग-अलग गुरुद्वारा साहिबों में भी सोलर पैनल स्थापित करके बिजली के खर्चों की बचत करेगी। आने वाले दिनों में बिजली के बिल पर बचत होने से एसजीपीसी को काफी लाभ होगा। इसी तरह एक सोलर पैनल गुरुद्वारा शहीदा साहिब में भी स्थापित किया जा चुका है, जिसने काम करना शुरू कर दिया है।
एसजीपीसी की ओर से श्री हरिमंदिर साहिब के लिए 800 किलोवाट व 66 केवी का बिजली कनेक्शन लिया हुआ है। इसका प्रति दो माह का एवरेज बिल 70 से 80 लाख रुपये आता है। सोलर प्लांट लगने से बिजली बिल का प्रति वर्ष एक करोड़ रुपये बचत होने की संभावना है।
बिजली विभाग सोलर पैनलों की पैदा हुई बिजली को उपभोक्ताओं से खरीदता है। इसके बदले में उपभोक्ताओं की ओर से खपत की गई बिजली को पैदा की गई बिजली से कुल रेट से निकालकर जो बिल बनता है उसके अनुसार बिजली का बिल विभाग की ओर से वसूला जाता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि करीब साढ़े तीन वर्षों तक लगातार बिजली पैदा करने के बाद ही आम उपभोक्ता को बिजली के स्थापित किए सोलर पैनलों से लाभ मिलना शुरू होता है।
बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की योजना है एसजीपीसी की
एसजीपीसी के पूर्व महासचिव एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका और एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के ओएसडी सतबीर सिंह धामी ने कहा कि सोलर प्लांट लगने से श्री हरमंदिर साहिब की गुरु की गोलक पर पड़ने वाले बिजली के बढ़े खर्चों पर करीब एक करोड़ रुपये का लाभ प्रति वर्ष होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने फैसला लिया है कि इसके प्रबंधों के अधीन अलग-अलग गुरुद्वारा साहिबों में की इमारतों की छतों पर भी सोलर बिजली प्लांट स्थापित किए जाएं। इसके लिए सरकार को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। एसजीपीसी की ओर से गुरुद्वारा बीड़ बुड्ढा साहिब, गुरुद्वारा सतलानी साहिब में भी सोलर प्लांट लगाने की योजना है। जिन गुरुद्वारों के पास खाली भूमि है उन पर भी सोलर प्लांट लगाने की योजना बनाई जा रही है। आने वाले समय में एसजीपीसी बिजली के उपयोग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना चाहती है। इसके लिए भी प्लान बनाया हुआ है। एक किलोवाट का प्लांट गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब में लगाने का काम चल रहा है, जो जल्दी पूरा हो जाएगा।