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नशे के कारोबारी अकालियों का हो सामाजिक बायकॉट
अमर उजाला, अमृतसर
Updated Fri, 22 Nov 2013 10:29 PM IST
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अमृतसर में नशे के कारोबार में कुछ अकाली नेताओं के शामिल होने का मामला सामने आने के बाद श्री अकाल तख्त ने ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि इन नेताओं के साथ सरकार और आम लोग सख्ती से पेश आएं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए।
श्री अकाल तख्त साहिब पर शुक्रवार को पांच सिंह साहिबान की बैठक के बाद मीडिया के साथ बातचीत करते हुए ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि ऐसे नेता सभी अकालियों की बदनामी का कारण बन रहे हैं।
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हाल ही में ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ होने पर उसमें कुछ अकाली नेताओं के नाम के बाद कांग्रेस ने भी ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
ज्ञानी गुरबचन ने नशे के कारोबार से जुड़े अकाली दल के नेताओं और वर्करों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे नेता सब की बदनामी का कारण बनते हैं। ऐसे नेताओं को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया कि फिल्म ‘सिंह साहिब द ग्रेट’ का नाम निर्माताओं ने बदल दिया है। निर्माताओं ने फिल्म के नाम से ‘साहिब’ शब्द हटाकर उसकी जगह ‘साब’ लिख दिया है। इस ‘साब’ शब्द से सिख कौम को कोई एतराज नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुंबई से एसजीपीसी के सदस्य गुरिंदर सिंह बावा ने भी आश्वासन दिया है कि फिल्म का नाम बदल दिया गया है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा हाल ही में एक समारोह के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को सरदार कहे जाने पर ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। मोदी अपनी पार्टी के उभर रहे नेता हैं और सरदार शब्द किसी भी संस्था के मुखी के लिए उपयोग हो सकता है।
गुरुद्वारा साहिबों में अपाहिजों के लिए सोफे लगा कर बैठाना मर्यादा के खिलाफ हैं, इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के संबंध में एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ की ओर से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ पहले ही बातचीत की जा रही है। पुलिस की हरिद्वार में सिख संगतों पर लाठीचार्ज गलत कार्रवाई है।
विभिन्न जेलों में बंद सिख युवाओं की रिहाई के लिए चंडीगढ़ में गुरबख्श सिंह के अनशन के संबंध में ज्ञानी ने कहा कि उनकी इस मामले में मुख्यमंत्री के साथ बातचीत हुई है। बादल ने दलजीत सिंह चीमा की ड्यूटी लगाई है।
उन्होंने कहा कि गुरबख्श का अनशन मामले का हल नहीं है। जत्थेदार ने कहा कि देश और विदेशों में जिन भी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों में जो मेंबर हैं, उनका अमृतपान किया होना अति जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हरमंदिर साहिब कांप्लेक्स में इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले सतवंत सिंह, केहर सिंह और बेअंत की यादगार स्थापित करने पर फैसला पांच सिंह साहिब की अगली बैठक में लिया जाएगा।
इस बैठक में श्री हरमंदिर साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, तख्त केस गढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह, तख्त पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह और तख्त हजूर साहिब के उप जत्थेदार ज्ञानी जोत इंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि इन नेताओं के साथ सरकार और आम लोग सख्ती से पेश आएं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए।
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श्री अकाल तख्त साहिब पर शुक्रवार को पांच सिंह साहिबान की बैठक के बाद मीडिया के साथ बातचीत करते हुए ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि ऐसे नेता सभी अकालियों की बदनामी का कारण बन रहे हैं।
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हाल ही में ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ होने पर उसमें कुछ अकाली नेताओं के नाम के बाद कांग्रेस ने भी ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
ज्ञानी गुरबचन ने नशे के कारोबार से जुड़े अकाली दल के नेताओं और वर्करों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे नेता सब की बदनामी का कारण बनते हैं। ऐसे नेताओं को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया कि फिल्म ‘सिंह साहिब द ग्रेट’ का नाम निर्माताओं ने बदल दिया है। निर्माताओं ने फिल्म के नाम से ‘साहिब’ शब्द हटाकर उसकी जगह ‘साब’ लिख दिया है। इस ‘साब’ शब्द से सिख कौम को कोई एतराज नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुंबई से एसजीपीसी के सदस्य गुरिंदर सिंह बावा ने भी आश्वासन दिया है कि फिल्म का नाम बदल दिया गया है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा हाल ही में एक समारोह के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को सरदार कहे जाने पर ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। मोदी अपनी पार्टी के उभर रहे नेता हैं और सरदार शब्द किसी भी संस्था के मुखी के लिए उपयोग हो सकता है।
गुरुद्वारा साहिबों में अपाहिजों के लिए सोफे लगा कर बैठाना मर्यादा के खिलाफ हैं, इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के संबंध में एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ की ओर से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ पहले ही बातचीत की जा रही है। पुलिस की हरिद्वार में सिख संगतों पर लाठीचार्ज गलत कार्रवाई है।
विभिन्न जेलों में बंद सिख युवाओं की रिहाई के लिए चंडीगढ़ में गुरबख्श सिंह के अनशन के संबंध में ज्ञानी ने कहा कि उनकी इस मामले में मुख्यमंत्री के साथ बातचीत हुई है। बादल ने दलजीत सिंह चीमा की ड्यूटी लगाई है।
उन्होंने कहा कि गुरबख्श का अनशन मामले का हल नहीं है। जत्थेदार ने कहा कि देश और विदेशों में जिन भी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों में जो मेंबर हैं, उनका अमृतपान किया होना अति जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हरमंदिर साहिब कांप्लेक्स में इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले सतवंत सिंह, केहर सिंह और बेअंत की यादगार स्थापित करने पर फैसला पांच सिंह साहिब की अगली बैठक में लिया जाएगा।
इस बैठक में श्री हरमंदिर साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, तख्त केस गढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह, तख्त पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह और तख्त हजूर साहिब के उप जत्थेदार ज्ञानी जोत इंद्र सिंह आदि मौजूद थे।