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धर्म परिवर्तन रोकने की कवायद: SGPC ने चुने 117 स्वयंसेवक, सीमावर्ती क्षेत्रों में करेंगे सिखी का प्रचार
Sat, 17 Sep 2022 12:36 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 17 Sep 2022 12:36 PM IST
सार
एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि इन प्रचारकों को धर्म प्रचार के लिए उन इलकों में भेजा जा रहा है, यहां धर्मांतरण की अधिक चर्चाएं चल रही हैं।
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एसजीपीसी
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में सिख धर्म का प्रचार करने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने 117 स्वयंसेवी प्रचारकों का चयन किया है। इन प्रचारकों को सिख मिशनरी कॉलेजों और धर्म प्रचार कमेटी द्वारा संचालित गुरमती विद्यालयों से शिक्षित किया गया है।
एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि इन प्रचारकों को धर्म प्रचार के लिए उन इलकों में भेजा जा रहा है, यहां धर्मांतरण की अधिक चर्चाएं चल रही हैं। वर्तमान में सिख प्रचार के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रचारकों की जरूरत है, ताकि सिख इतिहास और गुरमत सिद्धांतों से जुड़ाव के साथ-साथ संगत को पंथ को आ रही चुनौतियों के संबंध में जागरूक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से जानबूझकर धर्म परिवर्तन जैसे मामले उठाए जा रहे हैं, जिन्हें जमीनी स्तर पर पहचानने की जरूरत है और समाज को गुमराह करने वाले दुष्प्रचार से सावधान रहने की जरूरत है। ये स्वयंसेवी प्रचारक इस दिशा में काम करेंगे। एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि शिरोमणि कमेटी इस मामले पर जमीनी स्तर पर काम कर रही है और सिख संगठन का मकसद दिखावा करना नहीं बल्कि गुमराह लोगों को सिख धर्म से जोड़ना है।
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एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि इन प्रचारकों को धर्म प्रचार के लिए उन इलकों में भेजा जा रहा है, यहां धर्मांतरण की अधिक चर्चाएं चल रही हैं। वर्तमान में सिख प्रचार के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रचारकों की जरूरत है, ताकि सिख इतिहास और गुरमत सिद्धांतों से जुड़ाव के साथ-साथ संगत को पंथ को आ रही चुनौतियों के संबंध में जागरूक किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से जानबूझकर धर्म परिवर्तन जैसे मामले उठाए जा रहे हैं, जिन्हें जमीनी स्तर पर पहचानने की जरूरत है और समाज को गुमराह करने वाले दुष्प्रचार से सावधान रहने की जरूरत है। ये स्वयंसेवी प्रचारक इस दिशा में काम करेंगे। एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि शिरोमणि कमेटी इस मामले पर जमीनी स्तर पर काम कर रही है और सिख संगठन का मकसद दिखावा करना नहीं बल्कि गुमराह लोगों को सिख धर्म से जोड़ना है।
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