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अमृतसर : एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट धामी ने कहा, श्री साहिब किरपाण, सिखों के विश्वास का चिन्ह

Sat, 25 Dec 2021 02:18 AM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sat, 25 Dec 2021 02:18 AM IST
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SGPC president Advocate Dhami said, Shri Sahib Kirpan, a symbol of the faith of Sikhs
अमृतसर। पाकिस्तान के प्रदेश खैबर खपतूनख्वां में सिखों के श्री साहिब (किरपाण) पहन कर अदालत कांप्लेक्स या सरकारी अदारों में जाने पर रोक लगाने की एसजीपीसी ने निंदा की है। एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हर जिंदर सिंह धामी ने पाकिस्तान द्वारा लगाई इस रोक को मंदभागा और धार्मिक आजादी के खिलाफ करार दिया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि अमृतधारी सिखों के लिए पांच कारों में श्री साहिब एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सिख रहना मुताबिक जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की ओर से खालसा साजना के समय बख्शी पांच ककारी रहने में श्री साहिब को जरूरी करार दिया था, जो खालसाई रहनी का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि किरपाण, चाकू, या खंजर नहीं बल्कि सिखों के लिए यह विश्वास का चिन्ह है। इस लिए पेशावर हाईकोर्ट के उक्त फैसले से सिखों के मनों को भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सिख विश्व भर में बसे हैं। अब अलग-अलग देशों की सरकारों ने हवाई अड्डों के साथ अन्य जगहों पर सिखों को श्री साहिब पहनने की मान्यता दी है।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 1947 से पहले भारत का हिस्सा रहा है, इस लिए यहां बसने वाले सिख इतिहास और परंपराओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि सरकारों और अदालतों को सिख कौम के जज्बातों का सत्कार करना चाहिए। एसजीपीसी प्रधान ने जहां पाकिस्तान सरकार को इस मसले का तुरंत हल करने की अपील की, वहीं उन्होंने भारत सरकार को भी पाकिस्तान सरकार के साथ संपर्क कर इस मसले का हल करवाने को कहा।
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