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कोरोना का असर : एसजीपीसी ने पेश किया 912 करोड़ का बजट, दो साल में 300 करोड़ की आई कमी

Tue, 30 Mar 2021 11:09 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 30 Mar 2021 11:09 PM IST
सार

  • आगामी वित्त वर्ष के लिए 9.12 अरब का बजट पास
  • 40 करोड़ 66 लाख की आमदनी कम होने का अनुमान 

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SGPC Presented Budget for financial year 2021-22 today
एसजीपीसी की बैठक। - फोटो : फाइल

विस्तार

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का वित्त वर्ष 2021-22 के लिए लगभग 912 करोड़ रुपये का बजट मंगलवार को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। पिछले साल भी एसजीपीसी ने लगभग 981 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। कोरोना के कारण एसजीपीसी की आमदनी में भारी कमी आई है। 2019 में लगभग 1200 करोड़ का बजट पेश किया गया था। 

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एसजीपीसी मुख्यालय तेजा सिंह समुद्री हाल में महासचिव एडवोकेट भगवंत सिंह स्यालका ने कुल 9,12,59,26,000 रुपये का बजट पेश किया। एसजीपीसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के लिए अनुमानित आमदन 8,71,93,24,000 होगी। वित्त वर्ष में 40 करोड़ 66 लाख की आमदनी कम होने का अनुमान है। 
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एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने बताया कि इस बार बजट में कई भ्रांतियां दूर करने की कोशिश की गई हैं। एसजीपीसी को अलग-अलग विभागों के लिए गुरुद्वारा साहिब में संगत की ओर से चढ़ाई जाने वाली भेंट से होने वाली आमदनी का 30 फीसदी प्राप्त होता है। बीते कई वर्षों से यह राशि आमदनी का हिस्सा बना दी गई थी। इस कारण बजट में भारी अंतर पैदा हो गया था। 

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गुरुद्वारा साहिबान के बजट के साथ-साथ एसजीपीसी की धर्म प्रचार कमेटी व एसजीपीसी का भी बजट पेश किया जाता था। वह भी इसमें जोड़ दिया जाता था। इस कारण इस बार के बजट में बदलाव किया गया है। एसजीपीसी की आमदनी का मुख्य स्रोत संगत की भेंट पर आधारित होता है, इसलिए बजट अनुमानित होते हैं। बीते वर्ष कोरोना के कारण एसजीपीसी की आमदनी में भारी कमी आई है। आमदनी से खर्च अधिक हैं। एसजीपीसी अपनी बचत से खर्च करेगी। बीबी जागीर कौर के अनुसार बीते चार महीनों में कई खर्चों में कटौती की गई है।  

श्रद्धालुओं को आयकर से दिलाएंगे छूट 
बीबी जागीर कौर के अनुसार दिल्ली के एक श्रद्धालु ने 9 करोड़ की राशि श्री हरमंदिर साहिब की गोलक में डाली है। एसजीपीसी श्री हरमंदिर साहिब में भेंट चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं को आयकर से छूट दिलाने का प्रयास कर रही है। इस बीच, एसजीपीसी को आरटीआई से जानकारी मिली है कि वर्ष 1965 से ही श्री हरमंदिर साहिब में भेंट चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं को आयकर में छूट की मंजूरी दी गई है। 

किसके लिए कितना बजट 

  • श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित समागमों के लिए 14 करोड़ 
  • जनरल बोर्ड के लिए 7.80 करोड़ रुपये 
  • ट्रस्ट फंड के लिए 8.69 करोड़ 
  • शिक्षा (स्कूल) पर 2.76 करोड़ 
  • धर्म प्रचार के लिए 10 करोड़ 
  • प्रिंटिंग प्रेस के लिए 8.20 करोड़ 
  • गुरुद्वारा साहिब सेक्शन 85 के लिए 652 करोड़
  • कुदरती आपदाओं के लिए 86 लाख 
  • खेल अकादमी के लिए दो करोड़ 
  • अमृतधारी विद्यार्थियों के वजीफे के लिए दो करोड़ 
  • सिकलीगर व वंजारों के लिए साढ़े नौ लाख 
  • बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से गुरमति से जोड़ने के लिए तीन करोड़ 
गुरुद्वारा साहिबान से 647 करोड़ आय का अनुमान
एसजीपीसी को आगामी वित्त वर्ष में सेक्शन-85 के अंतर्गत आते गुरुद्वारा साहिबान से लगभग 647 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। वहीं, करीब 652 करोड़ की राशि खर्च होने का अनुमान है। शिक्षण संस्थाओं से 189 करोड़ की आमदनी और इन पर 223 करोड़ का खर्च होने का अनुमान है। शिक्षण संस्थानों के घाटे की पूर्ति के लिए एसजीपीसी ने 16 करोड़ 55 लाख का प्रावधान रखा है। 

बजट के आंकड़ों में बहुत गलतियां : मास्टर मिट्ठू सिंह 
शिअद (बादल) विरोधी सदस्य मास्टर मिट्ठू सिंह व अन्य ने एसजीपीसी की ओर से पारित बजट पर कई आपत्तियां दर्ज करवाईं। मास्टर मिट्ठू सिंह का आरोप था कि बजट के आंकड़ों में बहुत गलतियां हैं।
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