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Amritsar News: पंजाब महिला आयोग ने पीयू के दो प्रोफेसरों को भेजा समन
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब राज्य महिला आयोग ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के डीन एवं लाॅ विभाग के प्रमुख और पीयू टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के प्रधान भुपिंदर सिंह विर्क और पूर्व रजिस्टरार व डीन फैकेल्टी ऑफ लॉ प्रोफेसर (सेवामुक्त) वरिंदर कौशिक को समन जारी किए हैं। यह कार्रवाई पंजाबी यूनिवर्सिटी के पंजाब स्कूल ऑफ लॉ की सहायक प्रोफेसर की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में सहायक प्रोफेसर ने काम वाली जगह पर कथित परेशानी संबंधी आरोप लगाए हैं। दोनों प्रोफेसरों को मंगलवार को सुबह 10 बजे आयोग के चंडीगढ़ दफ्तर में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक प्रोफेसर ने अपनी शिकायत में उन्हें लगातार परेशान करने के आरोप लगाए हैं। दावा किया गया है कि उन पर दोनों प्रोफेसरों की ओर से पहले दर्ज की शिकायतों को वापस लेने के लिए दवाब डाला जा रहा है। इसमें दोनों प्रोफेसरों की ओर से अपने ओहदों का भी गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रोफेसर भुपिंदर सिंह विर्क ने बात करते हुए इन आरोपों को झूठ व मनगढ़ंत बताते सिरे से इन्हें नकार दिया। आगे कहा कि इन आरोपों की जांच यूनिवर्सिटी की अंदरूनी कमेटी व पुलिस की ओर से पहले से ही की जा रही है। जहां उनकी तरफ से अपने बयान दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि उक्त सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति बठिंडा रीजनल सेंटर के लिए हुई थी, लेकिन वर्तमान में वह पीयू के पंजाब स्कूल आफ ला में पढ़ा रही हैं। साथ ही साफ किया कि पदोन्नितयों और कार्य वितरण से संबंधित मामले डीन अकादमिक मामले और प्रशासकीय विभाग कमेटी की प्रधानगी में छह मेंबरी कमेटी की ओर से संभाले जाते हैं। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।
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पटियाला। पंजाब राज्य महिला आयोग ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के डीन एवं लाॅ विभाग के प्रमुख और पीयू टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के प्रधान भुपिंदर सिंह विर्क और पूर्व रजिस्टरार व डीन फैकेल्टी ऑफ लॉ प्रोफेसर (सेवामुक्त) वरिंदर कौशिक को समन जारी किए हैं। यह कार्रवाई पंजाबी यूनिवर्सिटी के पंजाब स्कूल ऑफ लॉ की सहायक प्रोफेसर की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में सहायक प्रोफेसर ने काम वाली जगह पर कथित परेशानी संबंधी आरोप लगाए हैं। दोनों प्रोफेसरों को मंगलवार को सुबह 10 बजे आयोग के चंडीगढ़ दफ्तर में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक प्रोफेसर ने अपनी शिकायत में उन्हें लगातार परेशान करने के आरोप लगाए हैं। दावा किया गया है कि उन पर दोनों प्रोफेसरों की ओर से पहले दर्ज की शिकायतों को वापस लेने के लिए दवाब डाला जा रहा है। इसमें दोनों प्रोफेसरों की ओर से अपने ओहदों का भी गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रोफेसर भुपिंदर सिंह विर्क ने बात करते हुए इन आरोपों को झूठ व मनगढ़ंत बताते सिरे से इन्हें नकार दिया। आगे कहा कि इन आरोपों की जांच यूनिवर्सिटी की अंदरूनी कमेटी व पुलिस की ओर से पहले से ही की जा रही है। जहां उनकी तरफ से अपने बयान दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि उक्त सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति बठिंडा रीजनल सेंटर के लिए हुई थी, लेकिन वर्तमान में वह पीयू के पंजाब स्कूल आफ ला में पढ़ा रही हैं। साथ ही साफ किया कि पदोन्नितयों और कार्य वितरण से संबंधित मामले डीन अकादमिक मामले और प्रशासकीय विभाग कमेटी की प्रधानगी में छह मेंबरी कमेटी की ओर से संभाले जाते हैं। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।
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