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‘डोडा नहीं चाहते थे, भीम उनका काम छोड़े’
ब्यूरो/अमर उजाला, अमतृसर
Updated Fri, 25 Dec 2015 03:23 PM IST
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार वेरका ने वीरवार
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को अमृतसर के अमनदीप अस्पताल में भर्ती अबोहर कांड में घायल युवक गुरजंट
सिंह उर्फ जंटा के बयान दर्ज किए।
इस दौरन डॉ. वेरका ने अस्पताल में पुलिस सुरक्षा को एक मजाक बताया और पंजाब सरकार द्वारा पीड़ित परिवार की अनदेखी पर चिंता जताई। गुरजंट और उसके परिवार ने पंजाब सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद न मिलने पर भी मलाल जताया।
अपने बयान में गुरजंट ने बताया कि भीम टांक शिव लाल डोडा के धंधे में पिछले काफी समय से जुड़ा हुआ था लेकिन अब वह गलत काम को छोड़ कर अपना काम करने लगा था। डोडा की दो नंबर की शराब गुजरात में जाती है जिसका काम भीम बखूबी जानता था डोडा नहीं चाहता था कि वह उनका काम छोड़े। 11 दिसंबर को भीम उसे लेकर डोडा फार्म हाउस गया तो वहां करीब 25 लोगों ने उन्हें घेर लिया। अमित डोडा का सारा काम देखने वाला हैरी ने उन्हें धमकाया कि भीम अगर उनका काम नहीं करेगा तो वह किसी का भी काम नहीं करेगा इसलिए इसके हाथ पैर काट दिए जाएं। गुरजंट ने बताया कि जब उसने भीम को माफ करने की गुजारिश की तो हैरी ने उसके भी हाथ पैर काटने के निर्देश दे दिए।
डॉ. वेरका जब अस्पताल पहुंचे तो गुरजंट के कमरे के बाहर एक पुलिस कर्मी तैनात था और उसके पास भी हथियार नहीं थे। आयोग के निर्देश के बाद एसएसपी फाजिल्का ने आयोग को जानकारी दी थी कि तीन पुलिस कर्मी गुरजंट की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। गुरजंट के परिवार के अनुसार सिर्फ एक ही पुलिस कर्मी तैनात है और वह भी बिना हथियार के। डॉ. वेरका ने तुरंत एडीजीपी क्राइम को फोन लगाकर गुरजंट और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा यकीनी बनाने के निर्देश दिए।
बयान रिकॉर्ड करवाने के दौरान पीड़ित परिवार ने कहा कि अभी तक पंजाब सरकार की ओर से कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उनसे मिलने नहीं आया और न ही उन्हें कोई वित्तीय सहायता मिली है। डॉ. वेरका ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि पंजाब सरकार कातिलों को बचाने का काम कर रही है और जिनका कत्ल हुआ है उनकी कोई सुध बुध भी नहीं ली गई है। वह एक नोटिस पंजाब सरकार को भी जारी करेंगे जिसमें पीड़ित परिवार के इलाज की सभी जिम्मेदारी उनको उठानी होगी।
इस दौरन डॉ. वेरका ने अस्पताल में पुलिस सुरक्षा को एक मजाक बताया और पंजाब सरकार द्वारा पीड़ित परिवार की अनदेखी पर चिंता जताई। गुरजंट और उसके परिवार ने पंजाब सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद न मिलने पर भी मलाल जताया।
अपने बयान में गुरजंट ने बताया कि भीम टांक शिव लाल डोडा के धंधे में पिछले काफी समय से जुड़ा हुआ था लेकिन अब वह गलत काम को छोड़ कर अपना काम करने लगा था। डोडा की दो नंबर की शराब गुजरात में जाती है जिसका काम भीम बखूबी जानता था डोडा नहीं चाहता था कि वह उनका काम छोड़े। 11 दिसंबर को भीम उसे लेकर डोडा फार्म हाउस गया तो वहां करीब 25 लोगों ने उन्हें घेर लिया। अमित डोडा का सारा काम देखने वाला हैरी ने उन्हें धमकाया कि भीम अगर उनका काम नहीं करेगा तो वह किसी का भी काम नहीं करेगा इसलिए इसके हाथ पैर काट दिए जाएं। गुरजंट ने बताया कि जब उसने भीम को माफ करने की गुजारिश की तो हैरी ने उसके भी हाथ पैर काटने के निर्देश दे दिए।
डॉ. वेरका जब अस्पताल पहुंचे तो गुरजंट के कमरे के बाहर एक पुलिस कर्मी तैनात था और उसके पास भी हथियार नहीं थे। आयोग के निर्देश के बाद एसएसपी फाजिल्का ने आयोग को जानकारी दी थी कि तीन पुलिस कर्मी गुरजंट की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। गुरजंट के परिवार के अनुसार सिर्फ एक ही पुलिस कर्मी तैनात है और वह भी बिना हथियार के। डॉ. वेरका ने तुरंत एडीजीपी क्राइम को फोन लगाकर गुरजंट और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा यकीनी बनाने के निर्देश दिए।
बयान रिकॉर्ड करवाने के दौरान पीड़ित परिवार ने कहा कि अभी तक पंजाब सरकार की ओर से कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उनसे मिलने नहीं आया और न ही उन्हें कोई वित्तीय सहायता मिली है। डॉ. वेरका ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि पंजाब सरकार कातिलों को बचाने का काम कर रही है और जिनका कत्ल हुआ है उनकी कोई सुध बुध भी नहीं ली गई है। वह एक नोटिस पंजाब सरकार को भी जारी करेंगे जिसमें पीड़ित परिवार के इलाज की सभी जिम्मेदारी उनको उठानी होगी।