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गुरदासपुर में बेरोजगार ईटीटी टीचरों का प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sun, 19 Jun 2016 09:28 PM IST
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गुरदासपुर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते बेरोजगार अध्यापक।
- फोटो : amarujala
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बठिंडा के जय सिंह वाला गांव में 23 मई से प्रदर्शन कर रहें बेरोजगार ईटीटी अध्यापकों पर शनिवार को किए गए लाठीचार्ज के विरोध में गुरदासपुर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों को तत्काल मुअत्तल करने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जिला प्रधान विक्रमदीप सिंह जंजुआ, प्रदेश कमेटी सदस्य रमन कुमार, रकेश कुमार, मनदीप बटाला, गुरलाल बटाला ने कहा लोक नहीं सेवा का नारा देने वाली सरकार उनकी मांगों को मानने की बजाए लाठियों से उनकी सेवा कर रहीं है।
बठिंडा में बेरोजगार अध्यापकों को पुलिस ने पशुओं की तरह पीटा। यहां तक की लड़कियों को भी नहीं बख्शा गया। पुलिस लाठीचार्ज में 16 अध्यापक गंभीर रूप से घायल हो गए। दो अध्यापकों ने अपने आप को आत्मदाह करने की कोशिश में आग लगा ली, जिसमें वह मामूली रूप से झुलस गए।
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टीचर नेताओं ने कहा कि एक तरफ कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर बादल नन्ही छांव का नारा देती है और दूसरी तरफ उनके ही क्षेत्र में सड़कों पर लड़कियों को पुरुष कर्मचारियों की ओर से लाठियों से पीटा जाता है। यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी की सरकार ने उनकी मांगों को जल्द न माना तो संघर्ष को तेज करते हुए मुख्यमंत्री बादल की कोठी के आगे आत्मदाह करेंगे।
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प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जिला प्रधान विक्रमदीप सिंह जंजुआ, प्रदेश कमेटी सदस्य रमन कुमार, रकेश कुमार, मनदीप बटाला, गुरलाल बटाला ने कहा लोक नहीं सेवा का नारा देने वाली सरकार उनकी मांगों को मानने की बजाए लाठियों से उनकी सेवा कर रहीं है।
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बठिंडा में बेरोजगार अध्यापकों को पुलिस ने पशुओं की तरह पीटा। यहां तक की लड़कियों को भी नहीं बख्शा गया। पुलिस लाठीचार्ज में 16 अध्यापक गंभीर रूप से घायल हो गए। दो अध्यापकों ने अपने आप को आत्मदाह करने की कोशिश में आग लगा ली, जिसमें वह मामूली रूप से झुलस गए।
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टीचर नेताओं ने कहा कि एक तरफ कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर बादल नन्ही छांव का नारा देती है और दूसरी तरफ उनके ही क्षेत्र में सड़कों पर लड़कियों को पुरुष कर्मचारियों की ओर से लाठियों से पीटा जाता है। यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी की सरकार ने उनकी मांगों को जल्द न माना तो संघर्ष को तेज करते हुए मुख्यमंत्री बादल की कोठी के आगे आत्मदाह करेंगे।