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एक बार फिर जरुरतमंदों का मसीहा साबित हुए ओबेराय

Fri, 23 Apr 2021 08:58 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 08:58 PM IST
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Once again Oberoi is proved God for needy people
दुबई के प्रसिद्ध कारोबारी व सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख डा. एसपी सिंह ओबेराय एक बार फिर जरूरतमंदों के लिए मसीहा साबित हुए हैं। उन्होंने ट्रेवल एजेंटों की धोखाधड़ी का शिकार हुए 6 युवक-युवतियों को दुबई से सकुशल भारत पहुंचाने में सफलता हासिल की है।
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दुबई में धोखे का शिकार होने के बाद नौजवान वहां मुसीबत में फंस गए थे। मुश्किलों का सामना करते-करते वे आर्थिक बोझ तले दब गए थे। पैसों की कमी के कारण इनके परिजन इन्हें दुबई से भारत लाने में असमर्थ थे। डॉ. ओबेराय ने दुबई सरकार को इनकी स्वदेश वापसी के बदले अपनी जेब से रकम चुकाने की बात कहीं तभी इनकी वापसी संभव हो पाई। ये युवक - युवतियां शुक्रवार को राजासांसी एयरपोर्ट से स्वदेश लौटे हैं।
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एयरपोर्ट से बाहर आते ही देश की धरती को चूमने के बाद माता-पिता के गले लगकर ये अत्यंत भावुक हो गए, उनकी आंखों से आंसू निकल आए। सरबत दा भला ट्रस्ट के प्रमुख ओबेराय ने कहा कि आर्थिक तौर से कमजोर भारतीय दुबई में पैसा कमाने की होड़ के चलते गलत ट्रेवल एजेंटों के हाथ लग जाते हैं। माता-पिता भी बिना छानबीन इन्हें अरब मुल्कों में जाने की इजाजत दे देते हैं। वहां इनका शारीरिक व मानसिक शोषण किया जाता है। अरब मुल्कों में इतना बुरा हाल है कि लड़कियों को तो कारोबारियों के हाथों बेच दिया जाता है। नौजवानों से ज्यादा काम लेकर उनका शोषण किया जाता है। समझ आने पर ये वापस देश आने की सोचते हैं तो अरब मुल्कों के कड़े कानून के कारण वे ऐसा नहीं कर पाते। इनके पास अरब सरकार को पैसा चुकाने के लिए भी नहीं होता। कई तो मजबूरी में आत्महत्या तक कर लेते हैं। डा. ओबेराय ने बताया कि शुक्रवार अमृतसर पहुंचे नौजवान जोबनजीत सिंह, कुलविंदर सिंह, बलजीत सिंह और अवतार सिंह गुरदासपुर के गांव संकरपुर से संबंधित हैं तथा सभी ट्रेवल एजेंटों के धोखे का शिकार हो गए थे। इसी तरह फिरोजपुर की लड़की गगनदीप कौर भी ट्रेवल एजेंट का शिकार हुई थी। गगनदीप ने बताया कि उसके आग्रह को स्वीकार करते हुए डा. ओबेराय ने तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क कर सभी के सकुशल पंजाब लौटने का प्रबंध करवाया। ओबेराय अब तक 500 से अधिक लड़कों को स्वदेश भेजने में सफल हुए हैं। कोरोना काल के दौरान ही ओबेराय करीब 30 लड़कियों को दुबई से वापस भारत पहुंचाने में सफल हुए हैं। इस मौके पर ट्रस्ट की अमृतसर इकाई के प्रधान सुखजिंदर सिंह हेर, मनप्रीत संधू, नवजीत सिंह घई, रविंदर सिंह मठारू मौजूद थे।
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