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किसान संगठन का एलान: पांच जनवरी को फिरोजपुर में नहीं होने देंगे पीएम की रैली, आठ से मंत्री-विधायकों का करेंगे घेराव

Fri, 31 Dec 2021 07:59 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 31 Dec 2021 07:59 PM IST
सार

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिरोजपुर में प्रस्तावित रैली का विरोध करने का एलान किया है। वहीं संगठन ने यह भी कहा कि अगर पंजाब के सीएम किसानों की बैठक में मानी गई मांगों को लागू नहीं करते हैं तो आठ जनवरी को सभी विधायकों व मंत्रियों के आवास का घेराव करेंगे।

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Kisan Mazdoor Sangharsh Committee will oppose PM Modi firozpur rally
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

किसान-मजदूर जत्थेबंदी पांच जनवरी को फिरोजपुर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली नहीं होने देगी। यह बात किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश प्रधान सतनाम सिंह पन्नू और महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने प्रदेश कमेटी के मुख्यालय शहीद अंग्रेज सिंह बाकीपुर यादगारी भवन में शुक्रवार की शाम आयोजित बैठक के बाद मीडिया के नाम प्रेस विज्ञप्ति में कही।

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किसान नेताओं ने कहा कि आज की बैठक में फैसला किया गया है कि पांच जनवरी को फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का सख्त विरोध करेंगे और किसी भी कीमत पर रैली नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि चार जनवरी को होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने किसानों और मजदूरों की स्वीकार की गई मांगों को लागू नहीं किया तो आठ जनवरी को पंजाब भर के सभी विधायकों और मंत्रियों के घरों के बाहर रोष प्रदर्शन करेंगे।
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किसान नेता पन्नू और पंधेर ने कहा कि प्रधानमंत्री को पंजाब में रैली करने का कोई अधिकार नहीं। उन्होंने साम्राज्य नीतियों के दबाव में तीन कृषि कानून लागू कर पंजाब के किसानों और मजदूरों को दिल्ली की सड़कों पर एक साल तक रुलाया है। इस दौरान 750 किसान शहीद हो गए और इस पर देश के प्रधानमंत्री या भाजपा ने एक शब्द नहीं कहा। 
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उन्होंने कहा कि मोदी को किसानों की बाकी मांगों को स्वीकार करने का तुरंत एलान करना चाहिए। उन्हें मोर्चे के शहीदों को संसद में शहीद मान कर एक करोड़ रुपये मुआवजा राशि और सरकार नौकरी देने का एलान करना चाहिए। इसके अतिरिक्त बिजली संशोधन 2020 को तुरंत रद्द करना, लखीमपुर खीरी घटना के दोषियों को गिरफ्तार करना, किसान नेताओं पर दर्ज 302 के पर्चे रद्द कर उन्हें रिहा करने का भी एलान केंद्र सरकार को करना चाहिए।

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