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‘संतुलित खादों का प्रयोग कर उपज बढ़ाएं किसान’
ब्यूरो,अमर उजाला/पठानकोट
Updated Tue, 19 Apr 2016 10:15 PM IST
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पठानकोट में किसानों जानकारी देते डॉ. अमरीक सिंह व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अधिक पैदावार लेने के लिए खादों की सही मात्रा और सही समय पर सही तरीके से प्रयोग से खर्च कम किए जा सकते हैं।
यह बात भूमि जांच अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह मंगलवार को गांव सिंबली गुजरा में किसानों को संबोधित करते हुए कही। डॉ. सिंह ने कहा कि भूमि जांच रिपोर्ट के आधार पर संतुलित खादों की प्रयोग के साथ उपज में बढ़ोतरी होती है और भूमि की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है। उन्हाेंने कहा कि कलराठीयां जमीनों में सुधार किया जा सकता है। मिट्टी की जांच कराने से सही फसलाें को चुनने में मदद भी मिलती है। उन्हाेंने कहा कि खेतों की मिट्टी जांच करवाकर मिट्टी सेहत कार्ड जारी किए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि किसानों को चाहिए कि अपने खेतों की मिट्टी जांच कराने और माहिरों की सलाह के अनुसार रसायनिक खादों का इस्तेमाल करें। डॉ. हरप्रीत सिंह ने कहा कि फसलों की उपज बढ़ाने के लिए नीम यूरिया किसानों को मुहैया कराई जा रही है। उन्हाेंने कहा कि किसानों की सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से मोबाइल एप किसान सुविधा, एग्री मार्केट, इफ्को किसान शुरू किए गए है। इनका किसान फायदा उठा सकते है। इस मौके पर किसानों को मिट्टी का नमूना लेने के बारे में जानकारी दी गई।
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यह बात भूमि जांच अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह मंगलवार को गांव सिंबली गुजरा में किसानों को संबोधित करते हुए कही। डॉ. सिंह ने कहा कि भूमि जांच रिपोर्ट के आधार पर संतुलित खादों की प्रयोग के साथ उपज में बढ़ोतरी होती है और भूमि की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है। उन्हाेंने कहा कि कलराठीयां जमीनों में सुधार किया जा सकता है। मिट्टी की जांच कराने से सही फसलाें को चुनने में मदद भी मिलती है। उन्हाेंने कहा कि खेतों की मिट्टी जांच करवाकर मिट्टी सेहत कार्ड जारी किए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि किसानों को चाहिए कि अपने खेतों की मिट्टी जांच कराने और माहिरों की सलाह के अनुसार रसायनिक खादों का इस्तेमाल करें। डॉ. हरप्रीत सिंह ने कहा कि फसलों की उपज बढ़ाने के लिए नीम यूरिया किसानों को मुहैया कराई जा रही है। उन्हाेंने कहा कि किसानों की सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से मोबाइल एप किसान सुविधा, एग्री मार्केट, इफ्को किसान शुरू किए गए है। इनका किसान फायदा उठा सकते है। इस मौके पर किसानों को मिट्टी का नमूना लेने के बारे में जानकारी दी गई।
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