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जुड़वां बेटों ने ही गोली मारकर की थी हेड कांस्टेबल की हत्या
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पिता की हत्या के आरोप में बेटों पर केस
हेड कांस्टेबल को 22 मार्च को मारी गई थी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। छुट्टी पर आए बीएसएफ के हेड कांस्टेबल लखबीर सिंह की 22 मार्च को गोली मारकर हत्या उन्हीं के जुड़वा बेटों ने की थी। यह खुलासा एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने किया। पुलिस ने मौके पर एक आरोपी को काबू करके हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का देसी कट्टा, एक कारतूस और बाइक बरामद कर ली है। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
चहल ने बताया कि 19 मार्च को पठानकोट हेड क्वार्टर से हेड कांस्टेबल लखबीर सिंह छुट्टी पर घर आया था। 22 मार्च को परिवार ने पुलिस को लखबीर सिंह के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई। दोपहर बाद गांव शहीद की नहर किनारे लखबीर सिंह का शव मिला। थाना सदर पट्टी के प्रभारी इंस्पेक्टर शिव दर्शन सिंह ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि जगरूप सिंह और उसके जुड़वां भाई जगजीत सिंह जग्गी ने अपने पिता लखबीर सिंह का कत्ल किया था। कत्ल के लिए उन्होंने 315 बोर का देसी कट्टा खरीदा। लखबीर सिंह की गर्दन में गोली मारकर पहले हत्या की गई। इसके बाद बाइक पर शव लादकर गांव शहीद स्थित नहर के किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने जगरूप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जगजीत सिंह अभी फरार है। आरोपी जगरूप सिंह को पट्टी स्थित मनीष गर्ग की अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड लिया गया है।
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हेड कांस्टेबल को 22 मार्च को मारी गई थी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। छुट्टी पर आए बीएसएफ के हेड कांस्टेबल लखबीर सिंह की 22 मार्च को गोली मारकर हत्या उन्हीं के जुड़वा बेटों ने की थी। यह खुलासा एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने किया। पुलिस ने मौके पर एक आरोपी को काबू करके हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का देसी कट्टा, एक कारतूस और बाइक बरामद कर ली है। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
चहल ने बताया कि 19 मार्च को पठानकोट हेड क्वार्टर से हेड कांस्टेबल लखबीर सिंह छुट्टी पर घर आया था। 22 मार्च को परिवार ने पुलिस को लखबीर सिंह के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई। दोपहर बाद गांव शहीद की नहर किनारे लखबीर सिंह का शव मिला। थाना सदर पट्टी के प्रभारी इंस्पेक्टर शिव दर्शन सिंह ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि जगरूप सिंह और उसके जुड़वां भाई जगजीत सिंह जग्गी ने अपने पिता लखबीर सिंह का कत्ल किया था। कत्ल के लिए उन्होंने 315 बोर का देसी कट्टा खरीदा। लखबीर सिंह की गर्दन में गोली मारकर पहले हत्या की गई। इसके बाद बाइक पर शव लादकर गांव शहीद स्थित नहर के किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने जगरूप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जगजीत सिंह अभी फरार है। आरोपी जगरूप सिंह को पट्टी स्थित मनीष गर्ग की अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड लिया गया है।
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