{"_id":"f258216f2bddea651282fc601908c6d3","slug":"cable-operator-sucide-case-lalli-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केबल आपरेटर सुसाइड मामले में अकाली नेता लाली को नहीं मिली जमानत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केबल आपरेटर सुसाइड मामले में अकाली नेता लाली को नहीं मिली जमानत
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Fri, 15 May 2015 10:52 PM IST
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केबल ऑपरेटर जसविंदर सिंह जस्सी सुसाइड कांड में जेल में बंद अकाली नेता प्रितपाल सिंह लाली को शुक्रवार को जमानत नहीं मिली। तरनतारन के एडिशनल सेशन जज एसपी सूद ने बहस के बाद अगली सुनवाई 18 मई तय कर दी है।
उल्लेखनीय है कि गली पंजाब सिंह चौक बाबा साहिब निवासी केबल ऑपरेटर जसविंदर सिंह जस्सी की जहर निगलने से 28 मार्च को मौत हो गई थी। जस्सी ने 26 मार्च को ट्राई के सदस्यों के सामने जहर निगला था। इन सदस्यों में 14 जज शामिल थे। थाना सिविल लाइन पुलिस ने फास्ट वे केबल के जिला इंचार्ज सरबजीत सिंह राजू, मैनेजर गुरिंदर सिंह बब्बी और अकाली नेता प्रितपाल सिंह लाली के खिलाफ केस दर्ज किया था। तीनों को जेल भेज दिया गया था।
अमृतसर के जिला सेशन जज ने जमानत की सुनवाई को यह कह कर तरनतारन के एडिशनल सेशन जज एसपी सूद को रेफर कर दी थी कि जस्सी सुसाइड कांड के समय वह और अमृतसर के सभी जज मौके पर मौजूद थे, इसलिए वह जमानत पर सुनवाई नहीं कर सकते। सात मई को सरबजीत सिंह राजू और गुरिंदर बब्बी को जमानत मिल गई। अकाली नेता के परिवार ने जमानत याचिका नहीं लगाई थी।
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11 मई को अकाली नेता लाली के भाई परमजीत सिंह ने अदालत में अर्जी दायर की। शुक्रवार को जमानत पर बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। शाम साढ़े पांच बजे जमानत के फैसले की अगली तारीख 18 मई डाल दी गई।
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उल्लेखनीय है कि गली पंजाब सिंह चौक बाबा साहिब निवासी केबल ऑपरेटर जसविंदर सिंह जस्सी की जहर निगलने से 28 मार्च को मौत हो गई थी। जस्सी ने 26 मार्च को ट्राई के सदस्यों के सामने जहर निगला था। इन सदस्यों में 14 जज शामिल थे। थाना सिविल लाइन पुलिस ने फास्ट वे केबल के जिला इंचार्ज सरबजीत सिंह राजू, मैनेजर गुरिंदर सिंह बब्बी और अकाली नेता प्रितपाल सिंह लाली के खिलाफ केस दर्ज किया था। तीनों को जेल भेज दिया गया था।
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अमृतसर के जिला सेशन जज ने जमानत की सुनवाई को यह कह कर तरनतारन के एडिशनल सेशन जज एसपी सूद को रेफर कर दी थी कि जस्सी सुसाइड कांड के समय वह और अमृतसर के सभी जज मौके पर मौजूद थे, इसलिए वह जमानत पर सुनवाई नहीं कर सकते। सात मई को सरबजीत सिंह राजू और गुरिंदर बब्बी को जमानत मिल गई। अकाली नेता के परिवार ने जमानत याचिका नहीं लगाई थी।
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11 मई को अकाली नेता लाली के भाई परमजीत सिंह ने अदालत में अर्जी दायर की। शुक्रवार को जमानत पर बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। शाम साढ़े पांच बजे जमानत के फैसले की अगली तारीख 18 मई डाल दी गई।