Raising Day of BSF: बीएसएफ के 58वें स्थापना दिवस में पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, जवानों ने दिखाए करतब
केंद्रीय मंत्री ने प्रधान मंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से बीएसएफ के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को बीएसएफ के स्थापना दिवस पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीएसएफ साहस, समर्पण और सेवा का प्रतीक है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के ग्राउंड में बीएसएफ का 58वां स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय शिरकत करने पहुंचे। राय ने कहा कि बीएसएफ अपनी स्थापना से लेकर अद्भुत शौर्य और वीरता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यह देश के नागरिकों को सुरक्षित वातावरण का आभास कराता है। इससे पहले उन्होंने बीएसएफ की टुकड़ियों का निरीक्षण किया और बीएसएफ के 12 कंटीजेंट व महिला प्रहरी कंटीजेंट से परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में सांसद गुरजीत सिंह औजला, डीसी हरप्रीत सिंह सूदन और पुलिस कमिश्नर जसकरण सिंह, जीएनडीयू के उप कुलपति प्रो. डॉ. जसपाल सिंह संधू उपस्थित थे।
उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपने बलिदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आज यहां इस बल का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है, अमृतसर की धरती अनेक बलिदानों की गवाह भी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार उन्नत तकनीक के उपकरण खरीदने को वचनबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधान मंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से बीएसएफ के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को बीएसएफ के स्थापना दिवस पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीएसएफ साहस, समर्पण और सेवा का प्रतीक है। राय ने बीएसएफ की वार्षिक पत्रिका (बार्डरमैन) का विमोचन भी किया। मुख्य मेहमान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने विभिन्न खेल मुकाबलों के विजेताओं और बहादुर जवानों और अधिकारियों को पदकों के साथ सम्मानित किया।
डीजी पंकज कुमार सिंह ने मुख्य मेहमान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि बीएसएफ ने 1 नवंबर से लेकर 31 अक्तूबर तक पड़ोसी देश की ओर से भेजे गए 17 ड्रोन को मार गिराया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए गैर कानूनी गतिविधियां बीएसएफ के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हमने बड़े स्तर पर सीमावर्ती इलाकों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि देश के पूर्वी और पश्चिम क्षेत्रों में बंगलादेश और पाकिस्तान सीमा पर 6386 किलोमीटर एरिया में निगहबानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे, ट्रोन व अन्य निगरानी गैजेट लगाए जा रहे हैं। कैमरों व कुछ अन्य गैजेट की खरीद के लिए 30 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इस मौके पर पश्चिम कमांड के एडीजी पीवी रामाशास्त्री, आईजी आसिफ जलाल और डीआईजी संजय गौढ़ भी उपस्थित थे। बीएसएफ के अवार्डी जांबाजों तथा सेवानिवृत अधिकारियों और कर्मचारियों और उनके परिवारों को विषेश रूप से आमंत्रित किया गया था।
बीएसएफ बैंड, डॉग स्कवायड और सीमा भवानी रहे आकर्षण का केंद्र
जीएनडीयू की ग्राउंड में आयोजित बीएसएफ के 58वां स्थापना दिवस के अवसर पर बीएसएफ बैंड, सीमा भवानी और बाइकर्स तथा डॉग स्कवायड दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। इस अवसर पर महिला व पुरुषों की ऊंटों की टुकड़ी को भी लोगों ने उत्सुक्ता से देखा और सराहा। इस अवसर पर खालसा कालेज की भंगड़ा टीम (लड़के-लड़कियों) ने समां बांध दिया।