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बॉर्डर पर निशानदेही का नहीं कायदा, नशा तस्करों को हो रहा फायदा

Tue, 06 Mar 2018 10:00 PM IST
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:00 PM IST
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बॉर्डर पर निशानदेही का नहीं कायदा, नशा तस्करों को हो रहा फायदा
बॉर्डर पर निशानदेही का नहीं कायदा, नशा तस्करों को हो रहा फायदा
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- हिमाचल-पंजाब सीमा पर निशानदेही को लेकर उलझ जाती है दोनों सूबों की पुलिस
- नशा तस्कर पुलिस की उलझन का उठा रहे फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
जिले में हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर स्थित क्षेत्रों में निशानदेही के कायदे में दोनों सूबों की पुलिस उलझ जाती है। इसी बात का फायदा उठाते हुए नशा तस्करों ने इन क्षेत्रों में अपने अड्डे बना रखे हैं। यहां से नशा तस्करी का धंधा खूब चल रहा है। जो हिमाचल, पंजाब समेत जेएंडके तक फैला है। बता दें कि इंटर स्टेट बॉर्डर होने के कारण यहां पर कई क्षेत्र ऐसे हैं। जिसके बारे दोनों राज्यों की पुलिस के मन में भ्रम रहता है। पंजाब पुलिस दावा करती है कि उक्त क्षेत्र हिमाचल के अधीन हैं तो वहीं हिमाचल पुलिस का दावा है कि यह क्षेत्र पंजाब के अधीन हैं। इसी पसोपेश में यहां पर दोनों राज्यों की पुलिस की कार्रवाई नहीं हो पाती है। इसका सीधा फायदा नशा तस्करों को हो रहा है।
ताजा उदाहरण 1 मार्च का है। हिमाचल-पंजाब सीमा के गांव भदरोया के निकट चक्की दरिया में एक लाश मिली थी। लेकिन दो दिन वह लाश वहीं सड़ती रही क्योंकि दोनों सूबों की पुलिस घटनास्थल को एक-दूसरे की निशानदेही के अधीन बताते रहे। अंत में पंजाब पुलिस ने उक्त लाश को बरामद करके कार्रवाई की, लेकिन फिर भी पंजाब पुलिस का दावा यही रहा कि उक्त क्षेत्र हिमाचल का है। जबकि हिमाचल पुलिस घटनास्थल को पंजाब के अधीन बताते हुए पहले ही मुंह मोड़ चुकी थी। जिले में आती हिमाचल-पंजाब की सीमा पर ऐसा एक क्षेत्र नहीं है। बल्कि गांव भदरोया, डमटाल, छन्नी, बेली, चक्की समेत कई क्षेत्र हैं जहां पर ऐसा भ्रम बना हुआ है।
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हिमाचल-पंजाब सीमा पर रह रहे लोगों का भी यही कहना है कि दोनों सूबों की पुलिस के भ्रम के कारण नशा तस्करों के हौंसले बुलंद हैं। कार्रवाई के नाम पर यहां कुछ नहीं होता है। इस बात से प्रशासन भी बाखूबी वाकिफ है कि यहां से नशा तस्करी होती है। इंटर स्टेट बॉर्डर पर स्थित शहर के वार्ड नं 20 के पार्षद योगेश ठाकुर एंव स्थानीय निवासियों ने कहा कि वह इस मुददे को डीसी पठानकोट के पास लेकर जाएंगे। एक मांग पत्र सौंपकर उक्त क्षेत्र की सही निशानदेही करवाने की मांग की जाएगी। ताकि नशा तस्करों पर नकेल कसी जा सके।
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पंजाब पुलिस चलाएगी स्पेशल थ्री स्टेप आप्रेशन
पंजाब पुलिस का दावा है कि उक्त स्थिति को देखते हुए एक थ्री स्टेप आपरेशन तैयार किया गया है। एसएसपी पठानकोट विवेकशील सोनी ने कहा कि हिमाचल-पंजाब सीमा पर नशा तस्करों को नकेल डालने के लिए यह स्पेशल आपरेशन बनाया है। इसके तहत तीन अहम कदम उठाने शुरू कर दिये गए हैं। पहले कदम में ड्रग एब्यूज प्रिवेंशन अफसर उक्त क्षेत्रों में तैनात किये जाएंगे। जो उक्त क्षेत्रों में जाकर लोगों से तालमेल बनाएंगे। ताकि नशे के रैकेट की सारी जानकारी हासिल हो सके। इसके बाद दूसरे कदम में हिमाचल पुलिस को अपने क्षेत्र की पहचान करके कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा। क्योंकि दोनों तरफ से कार्रवाई होने पर ही नशे को नकेल डाली जा सकती है। वहीं तीसरे और आखिरी कदम में इंटर स्टेट बॉर्डर के क्षेत्रों में पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगाये जाएंगे।


पठानकोट नहीं हिमाचल में हो रही तस्करी : एसएसपी
एसएसपी पठानकोट विवेकशील सोनी का कहना है कि नशा तस्करी पठानकोट में नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश के एरिया में हो रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के साथ लगते पठानकोट के क्षेत्रों में नशे का सिर्फ सेवन हो रहा है। जबकि यह नशा हिमाचल प्रदेश से सप्लाई हो रहा है। इसके लिए उक्त योजना पर काम करके ही नशा तस्करी को रोका जा सकता है। उन्होनें कहा कि थ्री स्टेप आपरेशन की तैयारी शुक्रवार तक मुकम्मल करके आपरेशन शुरू कर दिया जाएगा।

फोटो -1- पठानकोट में हिमाचल की सीमा पर निशानदेही को लेकर दोनों राज्यों की पुलिस में रहता है भ्रम।
फोटो -1ए- एसएसपी पठानकोट विवकेशील सोनी।
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