{"_id":"5b8573fb42c7924675343402","slug":"161535472635-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर में नहाते वक्त डूबे भाई-बहन के शव मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर में नहाते वक्त डूबे भाई-बहन के शव मिले
Updated Tue, 28 Aug 2018 09:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नहर में डूबे भाई-बहन के शव मिले
भाई का शव गुज्जरों ने खुद निकाला, बहन का शव बेलदार ने ढूंढा
सोमवार की देर शाम ृदोनों नहर अठवाल में नहाते समय गए थे डूब
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। घुमाण की अठवाल नहर में सोमवार की शाम नहाते वक्त डूबे भाई-बहन के शव मंगलवार को बरामद हो गई। प्रशासन की ओर से बुलाये गए गोताखोरों के आने से पहले ही भाई का शव गुज्जर समुदाय के लोगों ने खुद ही निकाल लिया। बहन का शव नहरी विभाग के बेलदार ने बरामद किया। परिवार नेदोनों बच्चों के शवों को श्री हरगोबिंदपुर में बने कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
मंगलवार सुबह 8 बजे बच्चूदीन (8) का शव रईया से करीब 2 किलोमीटर पीछे से मिला। शव गुज्जर समुदाय के लोगों ने खुद ही नहर से निकाला । मंगलवार सुबह बच्चों के डूबने की खबर सुनकर रईया से गुज्जर परिवार से संबंधित लोग बच्चों के पिता नमदीन के घर आ रहा थे, जिन्होंने रास्ते में नहर में देखा कि एक बच्चे का शव नहर के पानी में उतरा रहा था। इस पर लोगों ने नहर में उतरकर देखा तो वह नमदीन के बेटे बच्चूदीन का शव था। उन्होंने बच्चूदीन का शव बरामद करके उसके पिता को पहुंचाया।
वहीं कुछ समय बाद गांव भिंडर के सूए से बहन जेहू बेगम (12) का भी शव नहरी विभाग के एक बेलदार ने बरामद कर लिया। जेहू बेगम का शव नहर से गांव तलवंडी को निकलते सूए की ओर बह गया था। मंगलवार को मौके पर नायब तहसीलदार सतीश कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर उपस्थित रहे। सोमवार की देर शाम को को उक्त दोनों मृतक बच्चों का बड़ा भाई भैंसें नहलाने के लिए नहर में गया था, उसके पीछे ही उसकी छोटी बहन और छोटा भाई वहां नहर पर आ गए। बड़े भाई को बताए बिना ही कपड़े उतारकर नहाने के लिए नहर में उतर गए और अचानक डूब गए थे।
विज्ञापन
नहीं पहुंचे गोताखोर और रेस्क्यू टीमें, लोगों में रोष
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों का कहना था कि इस बचाव अभियान में तीन गोताखोर बच्चों के शव ढूंढने के लिए नहर में लगाए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी एक पटवारी को सौंपी गई है। घटनास्थल पर कोई भी गोताखोर नहीं मिला। गुज्जर अपने तौर पर सोमवार रात से लेकर अपने बच्चों के शवों की तलाश करते रहे। सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची घुमाण पुलिस का कहना था कि मंगलवार को रेस्क्यू टीमें और गोताखोर लगाकर बच्चों के शवों की तलाश की जाएगी। मंगलवार को न तो कोई रेस्क्यू टीम मौके पर आई, न ही गोताखोर। प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई से स्थानीय लोगों में रोष है।
विज्ञापन
भाई का शव गुज्जरों ने खुद निकाला, बहन का शव बेलदार ने ढूंढा
सोमवार की देर शाम ृदोनों नहर अठवाल में नहाते समय गए थे डूब
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। घुमाण की अठवाल नहर में सोमवार की शाम नहाते वक्त डूबे भाई-बहन के शव मंगलवार को बरामद हो गई। प्रशासन की ओर से बुलाये गए गोताखोरों के आने से पहले ही भाई का शव गुज्जर समुदाय के लोगों ने खुद ही निकाल लिया। बहन का शव नहरी विभाग के बेलदार ने बरामद किया। परिवार नेदोनों बच्चों के शवों को श्री हरगोबिंदपुर में बने कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
मंगलवार सुबह 8 बजे बच्चूदीन (8) का शव रईया से करीब 2 किलोमीटर पीछे से मिला। शव गुज्जर समुदाय के लोगों ने खुद ही नहर से निकाला । मंगलवार सुबह बच्चों के डूबने की खबर सुनकर रईया से गुज्जर परिवार से संबंधित लोग बच्चों के पिता नमदीन के घर आ रहा थे, जिन्होंने रास्ते में नहर में देखा कि एक बच्चे का शव नहर के पानी में उतरा रहा था। इस पर लोगों ने नहर में उतरकर देखा तो वह नमदीन के बेटे बच्चूदीन का शव था। उन्होंने बच्चूदीन का शव बरामद करके उसके पिता को पहुंचाया।
विज्ञापन
वहीं कुछ समय बाद गांव भिंडर के सूए से बहन जेहू बेगम (12) का भी शव नहरी विभाग के एक बेलदार ने बरामद कर लिया। जेहू बेगम का शव नहर से गांव तलवंडी को निकलते सूए की ओर बह गया था। मंगलवार को मौके पर नायब तहसीलदार सतीश कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर उपस्थित रहे। सोमवार की देर शाम को को उक्त दोनों मृतक बच्चों का बड़ा भाई भैंसें नहलाने के लिए नहर में गया था, उसके पीछे ही उसकी छोटी बहन और छोटा भाई वहां नहर पर आ गए। बड़े भाई को बताए बिना ही कपड़े उतारकर नहाने के लिए नहर में उतर गए और अचानक डूब गए थे।
विज्ञापन
नहीं पहुंचे गोताखोर और रेस्क्यू टीमें, लोगों में रोष
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों का कहना था कि इस बचाव अभियान में तीन गोताखोर बच्चों के शव ढूंढने के लिए नहर में लगाए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी एक पटवारी को सौंपी गई है। घटनास्थल पर कोई भी गोताखोर नहीं मिला। गुज्जर अपने तौर पर सोमवार रात से लेकर अपने बच्चों के शवों की तलाश करते रहे। सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची घुमाण पुलिस का कहना था कि मंगलवार को रेस्क्यू टीमें और गोताखोर लगाकर बच्चों के शवों की तलाश की जाएगी। मंगलवार को न तो कोई रेस्क्यू टीम मौके पर आई, न ही गोताखोर। प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई से स्थानीय लोगों में रोष है।