जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कश्मीर-कश्मीर चिल्ला रहे पाकिस्तान की तब अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती हो गई जब उनके ही देश के लोगों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर पाकिस्तानी सरकार और सेना के अत्याचारों को उजागर कर दिया। बलूच मानवाधिकार परिषद और पश्तूनों ने पाकिस्तानी अत्याचार के खिलाफ दुनिया का ध्यान खींचने के लिए कार्यक्रम स्थल के बाहर बैनर पोस्टर लगाए।
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बलूचों का विरोध
- फोटो : ANI
बलूच संगठनों ने 'द ह्यूमैनिटेरियन क्राइसिस इन बलूचिस्तान' नाम से एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जिसमें पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में दुनिया को जानकारी दी गई।
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बलूचों का विरोध
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बलूच मानवाधिकार परिषद के आयोजक रज्जाक बलूच ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार बलूचिस्तान में जो कुछ भी कर रहा है उसे छिपाना चाहती है और कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र में रो रही है, यह पाखंड है।
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बलूचों का विरोध
- फोटो : ANI
उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान एक देश था, क्या पाकिस्तान, मीडिया और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल को जाने और यह पता लगाने की अनुमति देगा कि उन्होंने मेरे देश के साथ क्या किया?
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पश्तूनों ने भी किया विरोध
- फोटो : ANI
जेनेवा की सड़कों पर पाकिस्तानी पश्तूनों ने भी सेना के अत्याचार के खिलाफ बैनर-पोस्टर लगाए। 'पाकिस्तान में पश्तून नरसंहार' को उजागर करने वाले पोस्टर।