लाल सागर: यमन में फंसे 19 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया, दो सप्ताह से होदेइदाह और सना में थे फंसे
यमन में दो सप्ताह से फंसे 19 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। भारतीय दूतावास के मुताबिक, सभी स्वस्थ हैं और भारत लौट रहे हैं। इससे पहले होदेइदाह के पास नौका में सवार 14 भारतीयों की सुरक्षा की जानकारी भी सामने आई थी। क्या वे 14 लोग भी इन 19 में शामिल हैं? सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव का समुद्री रास्तों पर क्या असर पड़ेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
यमन में पिछले दो सप्ताह से फंसे 19 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। ये सभी होदेइदाह और सना में फंसे हुए थे। भारतीय दूतावास ने रविवार को जानकारी दी कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और उनकी सेहत ठीक है। वे भारत लौट रहे हैं। लाल सागर के आसपास बढ़ते तनाव और सऊदी अरब तथा यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी टकराव के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी को अहम माना जा रहा है। दूतावास ने इस अभियान में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया है।
यमन स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर बताया कि 19 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दूतावास ने कहा कि सभी नाविक स्वस्थ हैं और भारत आने के रास्ते में हैं। हालांकि, उनके भारत पहुंचने का समय या उन्हें निकालने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। यह निकासी ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले यमन के तट के पास एक नौका पर सवार 14 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी जानकारी सामने आई थी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे 14 नागरिक इन 19 नाविकों में शामिल हैं या नहीं।
क्या 14 भारतीयों को लेकर हुई घटना का भी इस निकासी से संबंध है?
23 अक्तूबर को भारतीय मिशन ने बताया था कि होदेइदाह के पास एक नौका पर सवार सभी 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। दूतावास ने कहा था कि वह घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए संबंधित पक्षों के संपर्क में है। इससे पहले कुछ अरब मीडिया संस्थानों ने यमन के हूती समूह के प्रवक्ता याह्या सरी के हवाले से दावा किया था कि लाल सागर में यमन के तट के पास युकर द्वीप के नजदीक सऊदी सेना ने भारतीय नौका को निशाना बनाया। सरी के मुताबिक, नौका में 14 भारतीय सवार थे और हूती लड़ाके उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, इन 14 लोगों और अब निकाले गए 19 नाविकों के बीच संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव क्यों बढ़ा है?
भारतीय नागरिकों की निकासी ऐसे समय हुई है, जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई की है। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हवाई हमले किए हैं। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। वर्ष 2022 में हुए संघर्षविराम के बाद इलाके में कुछ समय तक अपेक्षाकृत शांति रही थी।
लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य क्यों अहम हैं?
- लाल सागर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
- बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है।
- इस रास्ते से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और मालवाहक जहाजों की आवाजाही होती है।
- हालिया हमलों और जवाबी कार्रवाई से इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
- क्षेत्र में तनाव का असर आम नागरिकों और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है।
क्या क्षेत्र में फिर बड़े संघर्ष का खतरा बढ़ रहा है?
हालिया हिंसा ने यमन और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण नागरिकों के साथ-साथ ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। वर्ष 2022 के संघर्षविराम के बाद जो सापेक्ष शांति बनी थी, उसके फिर कमजोर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे हालात में लाल सागर और बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गई है। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच 19 भारतीय नाविकों की सुरक्षित निकासी हुई है।