सिविल सेवा में कामयाबी के साथ ही बैंक पीओ की नौकरी छोड़कर रुड़की के रितेश गर्ग ने कईयों की जिंदगी संवार दी है। रितेश उत्तराखंड से पलायन रोकने की मुहिम में लगे हुए हैं।
सिविल सेवा को कहा ना और संवार दी कईयों की जिंदगी
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रितेश गर्ग
- फोटो : file photo
रितेश लगातार तीन साल से प्रदेश में युवा प्रेरणा यात्रा के माध्यम से स्टार्ट अप कराकर गांव के लोगों को अपने उद्यम स्थापित कराने को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी इस यात्रा से अब तक प्रदेश में 35 लोग अपने उद्यम स्थापित कर पलायन करने वालों को वापस बुला चुके हैं। इस साल फिर तीन अप्रैल से यात्रा निकालने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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रितेश गर्ग ने सिविल सेवा को कहा ना
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रुड़की के मंगलौर निवासी रितेश गर्ग ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली लेकिन गए नहीं। इसके बाद बैंक पीओ के लिए चयन हो गया लेकिन वह नहीं गए। उनका मन प्रदेश के लिए कुछ करने का था। इसलिए, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री हासिल की। तय मकसद के हिसाब से ‘आई फॉर नेशन फाउंडेशन’ की स्थापना की।
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तीन साल पहले युवा प्रेरणा यात्रा शुरू की। सात दिन की यह खास यात्रा अपने साथ 100 सदस्यों को लेकर जाती है और उन्हें गांव-गांव में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही खुद के उद्यम चला रहे लोगों से मिलवाया जाता है।
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रितेश ने बताया कि उनकी इस मुहिम से जुड़े हुए 35 लोग अब अपने ही घर पर अपने छोटे उद्यम चला रहे हैं। कई लोगों ने अपने साथ उन युवाओं को जोड़ लिया है जो कि नौकरी के लिए प्रदेश से पलायन कर चुके थे।