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PM Modi से मिलकर बोले लाभार्थी : 'मैं पानी पूड़ी बेचता हूं, सपने में भी नहीं सोचा था कि हम पीएम से मिलेंगे'

Sat, 25 Mar 2023 08:48 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 25 Mar 2023 08:48 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के पहले विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया और हाल-चाल भी पूछा। रामनगर निवासी शांति देवी पीएम से बात कर भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि बेटे मनोज की मौत नौ साल पहले और पति बलदेव की मौत डेढ़ साल पहले हो गई थी। बेटे और फिर पति की मौत के बाद रो-रोकर उनकी आंखें खराब हो गई थीं, जिसे अब प्रधानमंत्री के कारण नई ज्योति मिल गई है।

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PM Modi met the beneficiaries: 'I sell pani puri, never even dreamed that I would meet the PM'
वाराणसी में पीएम मोदी की जनसभा - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के पहले विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया और हाल-चाल भी पूछा। रामनगर निवासी शांति देवी पीएम से बात कर भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि बेटे मनोज की मौत नौ साल पहले और पति बलदेव की मौत डेढ़ साल पहले हो गई थी। बेटे और फिर पति की मौत के बाद रो-रोकर उनकी आंखें खराब हो गई थीं, जिसे अब प्रधानमंत्री के कारण नई ज्योति मिल गई है। वे अब आगे का जीवन आसानी से जी सकेंगी। वह गरीबी के कारण मोतियाबिंद का ऑपरेशन तक नहीं करा पा रही थी। कुछ इसी तरह की कहानी बृजमोहन की भी है। वह ठेला पर पानी-पूड़ी बेचकर परिवार का खर्च चलाते हैं। वह अपना चश्मा नहीं बनवा पा रहे थे कि अस्पताल जाने पर पूरा दिन चला जाएगा और वे ठेला नहीं लगा पाएंगे।


अभिभावक की तरह पीएम ने पूछा हालचाल
मैं पानी पूड़ी बेचकर अपना परिवार चलाता हूं। मैंने कभी जीवन में कल्पना भी नहीं की थी कि मैं भी कभी प्रधानमंत्री के सामने खड़ा हो पाऊंगा। लेकिन, आज मेरे साथ ऐसा हुआ, जो किसी स्वप्न से कम नहीं है। प्रधानमंत्री मुझसे बात किए, हालचाल और मेरे व्यवसाय के भी बारे में जानकारी हासिल किए। मैंने भी बताया कि मैं पानी-पूड़ी बेचता हूं। उन्होंने मुझे चश्मा देते हुए अभिभावक की तरह सहेजा भी कि अब ये चश्मा पहना करो, ठेला लेे जाने में दिक्कत नहीं होगी। मैं पीएम से मिलकर धन्य हो गया। -बृजमोहन, रामपुर, रामनगर
 

PM Modi met the beneficiaries: 'I sell pani puri, never even dreamed that I would meet the PM'
वाराणसी में पीएम मोदी की जनसभा - फोटो : अमर उजाला
मैं चश्मे को बना लूंगी जीवन का हिस्सा
आज प्रधानमंत्री से मिली हूं। मैं कभी सोच भी नहीं पाई थी कि मेरे जीवन में कभी ऐसा भी दिन आएगा। प्रधानमंत्री ने मुझे अपने हाथों से चश्मा दिया और मेरा नाम भी पूछा। यही नहीं, परिवार के सदस्य की तरह समझाया भी कि इस चश्मे को रोजाना पहनना। अब मैं रोज इस चश्मे को पहनूंगी और इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लूंगी। -सुमित्रा, रामनगर


पीएम ने पूछा मेरा नाम, फिर चश्मा देकर समझाया
मेरी आंखें कमजोर हो गई थीं। ठीक से दिखाई भी नहीं दे रहा था, लेकिन ईश्वर की कृपा ऐसी बरसी की मेरे सामने आज देश के प्रधानमंत्री मुझे चश्मा देने के लिए खड़े हो गए, जो मैंने कभी सपनों में भी नहीं सोचा था। उन्होंने मेरा नाम और हालचाल भी पूछा और समझाते हुए चश्मा भी दिया है, जिसे मैं संभालकर हमेशा पहनूंगी। - सूफिया, रामनगर ओल्ड


 
PM Modi met the beneficiaries: 'I sell pani puri, never even dreamed that I would meet the PM'
वाराणसी में पीएम मोदी की जनसभा - फोटो : अमर उजाला
अब मैं आसानी से चला सकूंगा गाड़ी, थैक्यू मोदी जी

मैं प्राइवेट वाहन चालक हूं। मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इस तरह मैं प्रधानमंत्री के सामने खड़ा भी हो पाऊंगा। आज मुझे प्रधानमंत्री से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। खुशी मैं बया नहीं कर पा रहा हूूं। जिस तरह से इतने बड़े पद पर होते हुए भी उन्होंने सम्मानित तरीके से मुझसे मेरा नाम पूछा और चश्मा दिया कोई भी ऐसा नहीं करता। उन्होंने पूछा और चश्मा देकर मेरे अंदर मानों जान फूंक दिया हो। अब मैं आसानी से गाड़ी चला सकूंगा। -विजय मिश्र, रामपुर, रामनगर


पहले टीवी पर देखी थी, अब पीएम को छू भी ली
मैं जीवन में पहली बार प्रधानमंत्री से मिली। उन्हें अब तक टीवी में देखती थी, लेकिन आज उन्होंने मुझे अपने हाथों से चश्मा दिया। सच में मेरे लिए वे पल यादगार हो गए। मैंने प्रधानमंत्री को चश्मा लेते हुए छू भी लिया। - शीतल, रामनगर ओल्ड


पीएम ने मेरा हालचाल भी पूछा

मैं धीरे-धीरे 55 साल के पार हो चुका हूं। कभी सोचा भी नहीं था कि देश के प्रधानमंत्री से भी मुलाकात होगी। लेकिन, भाग्य ने मुझे चश्मे के बहाने प्रधानमंत्री से भी मिला दिया। मैं जब उनके पास पहुंचा तो उस समय मेरी आंखों में अलग ही रोशनी आ गई थी। बगल में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई मंत्री थे। इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरा हालचाल पूछा और मुझे चश्मा भी दिया। मैं प्रधानमंत्री से मिलकर बहुत खुश हूं। -खली उल्लाह, रामनगर

 
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PM Modi met the beneficiaries: 'I sell pani puri, never even dreamed that I would meet the PM'
वाराणसी में पीएम मोदी की जनसभा - फोटो : अमर उजाला
मैं बनूंगा एक अच्छा बिजनेसमैन
मैंने साड़ी निर्माण के लिए ओडीओपी के तहत आवेदन किया था, जहां से मुझे 1.40 लाख रुपये का ऋण मिला है। मुझे इस बात की खुशी है कि ये ऋण स्वीकृत होने का चेक प्रधानमंत्री के हाथों मिला। उन्होंने मुझसे पूछा कि इस ऋण का क्या करोगे तो मैंने उन्हें बताया कि मैं इसकी मदद से एक अच्छा बिजनेसमैन बनूंगा। -सोनू अंसारी, विशेषगंज, पीलीकोठी

मेरे लिए पीएम के हाथों से चेक पाना सौभाग्य की बात
पीएम स्वनिधि योजना के तहत बैंक से 50 हजार रुपये का कर्ज लिया है। वैसे ऋण तो सबको मिल जाता है, लेकिन इसकी स्वीकृति का चेक प्रधानमंत्री के हाथों से मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मुझसे पीएम ने हालचाल पूछा और पैसे का सही दिशा में उपयोग करने को कहा। -रामचंद्र प्रजापति, घुरहूपुर सारनाथ

पीएम से मिलकर मैं हो गई धन्य

अतिरिक्त बचत के लिए मैंने आचार, मुरब्बा बनाने का काम शुरू किया है, जिसे अब बड़े पैमाने पर करने के लिए मैंने स्वयं सहायता समूह के तहत बैंक से छह लाख रुपये ऋण के लिए आवेदन की थी, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद इसका चेक प्रधानमंत्री के हाथों पाकर मैं धन्य हो गई।- मंजू देवी, राजातालाब, लहिया, 

पीएम के हाथों चेक पाकर हो गई धन्य

मैंने पीएम स्वनिधि योजना के तहत फूड स्टॉल के लिए दो लाख रुपये ऋण लेने के लिए आवेदन किया था, जो स्वीकृत हो गया है। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि यह ऋण मुझे प्रधानमंत्री के हाथों प्राप्त हुआ है। मैं उनका धन्यवाद करती हूं और मन से काम करके ऋण चुुका दूंगी। - नीतू गुप्ता, वरुणा पुल, कैंट


 
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PM Modi met the beneficiaries: 'I sell pani puri, never even dreamed that I would meet the PM'
वाराणसी में रोपवे का मॉडल देखते पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
अब मैं खोल पाऊंगा दुकान
प्रधानमंत्री ने मुझे दस हजार रुपये का चेक दिया, जिसे पाकर मैं धन्य हो गया हूं। मैं बहुत जल्द ही दक्षिण भारतीय खाना बनाने के लिए दुकान खोलूंगा। इसके लिए प्रधानमंत्री को दिल से धन्यवाद देता हूं। - वीरेंद्र प्रताप गुप्ता, छित्तूपुर खोजवा -फूड स्टॉल

पीएम के संवाद कार्यक्रम में इनका भी शामिल रहा नाम

क्रेडिट आउटरिच कैंप श्याम कुमार पटेल लहरतारा, रेनू खन्ना शिवपुर, विकास कुमार जायसवाल, अशोक पुरम कालोनी, आशुतोष कुमार कर्खियाव, मिथिलेश गुप्ता, रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया, आकाश अग्रवाल सरजोई, सुजीत कुमार पटेल, पहड़िया, बच्चालाल विश्वकर्मा, पटेल नगर, असलम रजा पटेल नगर कॉलोनी, प्रिसेस गुप्ता, लक्सा, सुनील कुमार नवापुर सथवा, अविनाश प्रकाश रोजाबाजार नदेसर, राधे पटेल सिहोरवा, जवाहर लाल जायसवाल वाराणसी और स्वस्थ दृष्टि समृद्ध काशी कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले सतीश कुमार मोहले, विशेशरगंज, इमरती देवी खजुरी, मुराली चंद्र खजुरी, संतोष कुमार पांडेयपुर, जहीरूद्दीन अर्दली बाजार, सुमित्रा देवी राजातालाब, मोहम्मद हनीफ काजीपुरा खुर्द पिंडरा शामिल रहे।
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