मोदी सरकार के अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म करने के निर्णय का जोरदार स्वागत किया। लोगों ने तिंरगा लहराते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जनपदवासियों को बधाई दी। अगली स्लाइडों में पढ़िए जम्मू-कश्मीर के फैसले पर पश्चिमी यूपी के नेताओं की क्या राय:-
2 of 6
धर्मेंद्र तोमर, जिला उपाध्यक्ष, रालोद
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर एक संवेदनशील मुद्दा है। सुरक्षा इनपुट और खुफिया राजनीतिक आधार पर सरकार निर्णय लेने की सही स्थिति में है। हम सरकार का समर्थन करते हैं। मगर, सरकार की जिम्मेदारी है कि वहां पर शांति कायम रहे। इसमें किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। - धर्मेंद्र तोमर, जिला उपाध्यक्ष, रालोद।
3 of 6
सुलेमान परदेशी, जिला उपाध्यक्ष, सपा
- फोटो : अमर उजाला
शांति और विकास के रास्ते खुलते हैं तो यह अच्छा फैसला है। हम इसका समर्थन करते हैं। मगर सरकार को तानाशाही न दिखाते हुए आम दलों से भी सहमति लेनी चाहिए थी। ऐसा सरकार ने नहीं किया है, इस तानाशाही का वो विरोध करते हैं। - सुलेमान परदेशी, जिला उपाध्यक्ष, सपा।
4 of 6
मुकेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला
अभी नोटबंदी की तरह सब सपनों और शब्दों के मायाजाल में हैं। सरकार ने अपने कारपोरेट मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कार्य किया है। सरकार ने आज तक कश्मीरी पंडितों को बसाने की कोई पहल नहीं की है। भाजपा सरकार का यह चुनाव लाभ लेने वाली बात है। - मुकेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस।
5 of 6
प्रशांत देशवाल, नगराध्यक्ष, भाजपा
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा संगठन एक विचार के साथ खड़ा हुआ था। वह विचार था-भारत माता की जय और अखंड भारत। यह भारत को एकजुट करने के उद्देश्य से अनुच्छेद 370 को हटाने का कार्य किया गया है। सरकार का यह कार्य सराहनीय है। आज अखंड भारत का नारा पूर्ण हो रहा है। - प्रशांत देशवाल, नगराध्यक्ष, भाजपा।