कोरोना की आहट से कारोबारी सहमने लगे हैं। कारोबारियों को दो माह तक चलने वाले सहालग सीजन के प्रभावित होने की चिंता सता रही है। कोरोना के चलते लगने वाले लॉकडाउन और पाबंदियों पर वह गहरी चिंता में हैं। वर्ष 2020 में आई कोरोना की पहली लहर में लगे लॉकडाउन का कारोबारी गतिविधियों पर काफी असर पड़ा। बाजार न खुल पाने से कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, कोरोना की वजह से काफी दिनों तक पाबंदियां रहीं। इसका असर पर कारोबार पर रहा।
सहालग के प्रभावित हो जाने से कारोबार मंदी के दौर से गुजरा। इसका असर छोटे से लेकर बड़े कारोबारी तक सभी पर पड़ा। कोरोना की तीसरी लहर के हलके रहने से पाबंदियां हट जाने से कारोबार जैसे तैसे ढर्रे पर लौटना शुरू हुआ तो एक बार फिर से कोरोना ने चिंता बढ़ाना शुरू कर दिया है।
चीन में कोरोना इस समय तबाही मचा रहा है। देश व प्रदेश में भी इसकी दस्तक हो चुकी है। आगामी 40 दिन कोरोना के लिए अहम माने जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना के खतरे की संभावना बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में सहालग सीजन शुरू होने वाला है। यह सीजन 14 जनवरी से शुरू होकर 10 जनवरी तक चलेगा।
सहालग सीजन के मौके पर कोरोना के बढ़ते खतरे ने कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है। कारोबारी डरने लगे हैं कि यदि कोरोना ने विकराल रूप लिया और शासन ने पहले की तरह लॉकडाउन या पाबंदियां लगी तो कारोबार फिर से प्रभावित हो जाएगा।
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कारोबारी पंकज अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
साड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि सहालग के सीजन को देखते हुए साड़ियों की वैरायटी मंगाई गई है, लेकिन कोरोना के बढ़ते खतरे ने चिंता बढ़ा दी है। यदि पाबंदियां लगी तो इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा।
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कारोबारी राहुल
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बर्तन कारोबारी राहुल साहू ने कहा कि सहालग का यह सीजन काफी हलका रहा, जिससे कारोबार प्रभावित रहा। नए साल में अच्छे सहालग होने से बेहतर कारोबारी की उम्मीद थी, लेकिन कोरोना के बढ़ते खतरे ने चिंता बढ़ाई है।
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कारोबारी कमल
- फोटो : अमर उजाला
कॉस्मेटिक कारोबारी कमल पाटकर ने कहा कि कोरोना की बजह से कॉस्मेटिक कारोबार काफी प्रभावित रहा था। बाजार बंद रहने से तमाम सामान एक्सपायरी हो गए, जिससे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा। कोरोना के बढ़ते खतरे ने चिंता बढ़ा दी है।
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साड़ी कारोबारी रीता अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
रेडीमेड कारोबारी रीता अग्रवाल ने बताया कि नए साल में सहालग का अच्छा सीजन है, जिससे अच्छे कारोबार की संभावना है, लेकिन कोरोना के बढ़ते खतरे से कारोबार के प्रभावित होने की चिंता बढ़ी है। डर लग रहा है कहीं पुराने दिन न लौट आएं।