आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास के खुदकुशी मामले में उनके सास और ससुर से एसपी पश्चिम संजीव सुमन ने अपने दफ्तर में शुक्रवार को डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। इसमें कोई नई बात सामने नहीं आई है। डॉक्टर दंपति ने फिर दोहराया कि उनकी बेटी डॉ. रवीना पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। एसपी का कहना है कि जल्द ही कुछ और लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
आईपीएस सुरेंद्र सुसाइड केसः सास-ससुर से डेढ़ घंटे तक चली पूछताछ, पुलिस की उम्मीद ''पेन ड्राइव''
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईपीएस सुरेंद्र कुमार के ससुर डॉ. रावेंद्र सिंह और सास डॉ. रीता सिंह ने कहा कि ससुराल वाले रवीना को बेवजह बदनाम कर रहे हैं। आईपीएस ने अपने ही घरवालों की कलह और उनकी बढ़ती अपेक्षाओं के चलते सुसाइड किया है। एसपी पश्चिम ने बताया कि डॉक्टर दंपति ने जो साक्ष्य सौंपे हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। जरूरी पड़ने पर आईपीएस की मां इंदू ,बहन सावित्री और भाई नरेंद्र दास से हुई उनकी बातचीत की आडियो क्लीपिंग को वाइस मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
यह था मामला
एसपी पूर्वी सुरेंद्र कुमार ने चार सितंबर को कैंट स्थित सरकारी आवास में जहर खा लिया था। नौ सितंबर को सर्वोदय नगर के रीजेंसी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से आईपीएस सुरेंद्र कुमार के परिवार और ससुराल वाले एक-दूसरे को उनकी मौत का जिम्मेदार बता रहे हैं। एडीजी अविनाश चंद्र ने पूरे मामले की जांच एसपी पश्चिम संजीव सुमन को सौंपी है।
इससे पहले इस मामले में मृतक एसपी के ससुर डॉ. रावेंद्र सिंह और सास डॉ. रीता सिंह ने उनके परिजनों को ही मौत का जिम्मेदार ठहराया था। मीडिया के सामने आए सास और ससुर ने आरोप लगाया था कि आईपीएस के बड़े भाई नरेंद्र कुमार दास, भाभी नेहा, मां इंदु और बहन सावित्री उन्हें प्रताड़ित करती थीं। भाई पैसों की मांग करता था। साथ ही परिवार वाले पत्नी डॉ. रवीना से अलग होने का दबाव बनाते थे। इससे वे परेशान रहते थे। इसी के चलते परिजनों से यहां तक कह दिया था कि ऐसे ही परेशान किया जाएगा तो खुद मर जाएंगे या किसी को मार देंगे। दोनों ने आईपीएस और परिजनों के बीच हुई बातचीत के चार ऑडियो भी मीडिया के सामने पेश किए थे।