शहीद कैप्टन आयुष को यूं लेने आई 'भारत मां', देख सबकी आंखें हो गई नम
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आयुष के घर के बाहर उनके स्कूल सेंट जोसेफ से सैंकड़ो बच्चे और शिक्षक भी यहां पहुंचे। बच्चे एनसीसी की ड्रेस में आए थे। यहां पहुंचकर बच्चों ने बुलंद आवाज में नारे लगाए 'जब तक सूरज चांद रहेगा आयुष तेरा नाम रहेगा।' 'भारत माता की जय'... 'आयुष यादव अमर रहे...'
अंतिम दर्शन के बाद तकरीबन साढ़े आठ बजे उनका शव आर्मी के ट्रक में रखकर जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ घाट के लिए रवाना हुआ। यह यात्रा केडीए चौराहा, लाल बंगला से होते हुए गुजरी। इस दौरान जबरदस्त जनसैलाब सड़कों पर उमड़ आया। खास बात ये रही कि मुस्लिम भाइयों ने भी इस यात्रा में हिस्सा लिया और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए।
इसके बाद आयुष यादव की पंचाग्नि हुई। इस दौरान आयुष के चचेरे भाई अभिषेक यादव, रिश्ते के भाई मेजर युवराज, पियुष यादव, मनिष और मयंक द्वारा चिता को पंचाग्नि दी गई।
ब्रिगेडियर विनय मोहन शर्मा, कर्नल उपाध्याय, कैप्टन पुलकित खेड़ा, कर्नल कौशल, गवर्नर और चीफ सेक्रेटरी ने पुष्प चक्र अर्पित किए। राज्य मंत्री सतीश महाना, देवेंद्र सिंह भोले, पूर्व विधायक रधुनंदन भदौरिया, हरप्रकाश अग्निहोत्री कांग्रेस नगर अध्यक्ष आदि नेता भी वहां पहुंचे थे। मुस्लिम भाई और महिलाएं भी बड़ी तादात में आयुष के अंतिम संस्कार के दौरान सिद्धनाथ घाट पहुंचे। महाना ने इस बीच अहम बयान दिया। बोले सरकार जल्दी ही इसका मुहतोड़ जवाब देगी। उनके बयान का मतबल सर्जीकल स्ट्राइक से जोड़ी जा रहा है। ब्रिगेडियर वीएन शर्मा ने आयुष के माता-पिता को वर्दी और झंडा भेंट किया।