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जिस आंचल की छाव में उसे सुलाया उसके आंसू पोछे, बेटे ने उसी को बनाया फांसी का फंदा

Sat, 20 Jan 2018 12:23 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 20 Jan 2018 12:23 PM IST
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Either suicide due to completing task of Blue Whale Game
रोते बिलखते परिजन, मंजीत की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दिल को झकझोर देने वाली यह घटना उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की है। एक 10 साल का होनहार लड़का जिसकी काबिलियत का हर शख्स दिवाना था, तारीफ करता था। मंजीत ने आत्महत्या की! यह खबर सुनकर हर कोई दंग रह गया, हर आंख रोई। सबको एक ही सवाल बार-बार परेशान कर रहा था आखिर मंजीत ने ऐसा क्यो कर लिया.. कहीं ब्लू व्हेल गेम का टास्क पूरा करना तो...



 
Either suicide due to completing task of Blue Whale Game
रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
मंजीत एक अच्छा पेंटर था। वह चित्रकला में हमेशा अव्वल रहा। वह कक्षा 10 में पढ़ता था। चित्रकला में उसकी रुचि होने के चलते विद्यालय की ओर से उसने बीते दिनों झांसी में आयोजित हुई मंडल स्तर की चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था। इसमें उसने सभी को पछाड़ पहला स्थान प्राप्त किया था, जिससे कस्बे का नाम रोशन करने पर वह सभी का चहेता था। प्रतियोगिता जीत कर आने पर उसे विद्यालय से ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों ने भी सम्मानित किया था।

 
Either suicide due to completing task of Blue Whale Game
मंजीत की फाइल फोटो
मंजीत एक अच्छा पेंटर होने के साथ साथ अपने छोटे भाई बहनों के लिए घर का मुखिया था। वह पेंटर का काम कर खुद तो पढ़ाई कर ही रहा था साथ ही वह घर में खर्चा देने के साथ साथ अपने छोटे भाई बहन की पढ़ाई का भी पूरा खर्चा उठाता था।

 
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Either suicide due to completing task of Blue Whale Game
डेमो पिक
जिस मां ने कभी अपनी साड़ी के आंचल से बेटे के आंसू पोछे थे और उसी आंचल की छाव में उसे सुलाया था मंजीत ने फांसी लगाने के लिए किसी रस्सी का नहीं बल्कि अपनी मां की उस साड़ी का ही इस्तेमाल किया। मां ऊषा जब घर पहुंची तो बेटे को अपनी ही साड़ी में लटका देख वह फफक कर रो पड़ी। उसकी हालत देखकर वहां मौजूद सभी लोगों के आंखों में आंसू आ गए। रोते रोते वह कई बार बेहोश भी हो गई। ऊषा खेती किसानी कर अपने बच्चों का भरण पोषण करती है, जिसमें उसका पूरा सहयोग मंजीत करता था।
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