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आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो हो जाएं सावधान, इस खबर को नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है पछताना
Mon, 08 Apr 2019 11:30 AM IST
शिखा पांडेय
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 08 Apr 2019 11:30 AM IST
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ऑनलाइन शॉपिंग (फाइल फोटो)
- फोटो : SELF
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अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो सावधान हो जाएं। साइबर ठगों की नजर आप पर है। ऑनलाइन शॉपिंग की वेबसाइट से ग्राहकों का व्यक्तिगत डेटा चोरी कर रहे हैं। यही वजह है कि साइबर ठगों के पास आपका नाम, मोबाइल नंबर, बैंक का नाम और खाता संख्या तक उपलब्ध रहती है।
फोन कर वह जैसे ही आपसे ओटीपी पूछते हैं, कुछ ही देर बाद रकम ट्रांसफर हो जाती है। कानपुर में 2018 में साइबर ठगी के 136 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष जनवरी से अब तक करीब 50 मामले साइबर सेल में पहुंच चुके हैं।
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फोन कर वह जैसे ही आपसे ओटीपी पूछते हैं, कुछ ही देर बाद रकम ट्रांसफर हो जाती है। कानपुर में 2018 में साइबर ठगी के 136 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष जनवरी से अब तक करीब 50 मामले साइबर सेल में पहुंच चुके हैं।
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ऑनलाइन शॉपिंग (फाइल फोटो)
सीओ क्राइम चक्रेश मिश्रा ने बताया कि इनमें से 90 फीसदी ऐसे मामले हैं, जिसमें साइबर ठगों ने फोन कर खाताधारकों से संपर्क किया। फिर झांसा देकर खाते व ओटीपी की जानकारी हासिल कर रकम पार कर दी। सीओ के मुताबिक जब ये ठग फोन करते हैं तो खाताधारक के नाम से उसे बुलाते हैं।
फिर वह खुद को उस बैंक का अधिकारी बताते हैं, जिसमें ग्राहक का खाता होता है। इससे खाताधारक उस पर विश्वास कर पूरी जानकारी साझा कर देते हैं। खाताधारकों की जानकारी शॉपिंग वेबसाइट से लीक हो रही है।
फिर वह खुद को उस बैंक का अधिकारी बताते हैं, जिसमें ग्राहक का खाता होता है। इससे खाताधारक उस पर विश्वास कर पूरी जानकारी साझा कर देते हैं। खाताधारकों की जानकारी शॉपिंग वेबसाइट से लीक हो रही है।
ऑनलाइन शॉपिंग (फाइल फोटो)
ऐसे पहुंच रही खाताधारकों की जानकारी
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक जब भी कोई व्यक्ति ऑनलाइन शॉपिंग करता है तो वह नाम, पता, बैंक आदि सभी जानकारी देता है। यहीं से ठग खाताधारक का नाम, मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड नंबर व बैंक का नाम हासिल कर रहे हैं। हाईटेक साइबर ठग इन वेबसाइट का सर्वर हैकर पूरा डेटा अपने पास ट्रांसफर कर रहे हैं। इसके लिए वह अलग-अलग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं।
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक जब भी कोई व्यक्ति ऑनलाइन शॉपिंग करता है तो वह नाम, पता, बैंक आदि सभी जानकारी देता है। यहीं से ठग खाताधारक का नाम, मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड नंबर व बैंक का नाम हासिल कर रहे हैं। हाईटेक साइबर ठग इन वेबसाइट का सर्वर हैकर पूरा डेटा अपने पास ट्रांसफर कर रहे हैं। इसके लिए वह अलग-अलग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग (फाइल फोटो)
बेचा जा रहा डेटा
साइबर के जानकार अमित दुबे ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के कर्मचारी भी बड़े पैमाने पर डेटा लीक कर रहे हैं। जब भी कोई शॉपिंग करता है तो ग्राहक की पूरी जानकारी उस तक पहुंचती है। कर्मचारी डाटा इकट्ठा करते रहते हैं, फिर उसे साइबर ठग को बेच देते हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ बैंक के कर्मचारी भी इस तरह से डेटा लीक करते हैं। कई बार वह पकड़े भी जा चुकेहैं।
साइबर के जानकार अमित दुबे ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के कर्मचारी भी बड़े पैमाने पर डेटा लीक कर रहे हैं। जब भी कोई शॉपिंग करता है तो ग्राहक की पूरी जानकारी उस तक पहुंचती है। कर्मचारी डाटा इकट्ठा करते रहते हैं, फिर उसे साइबर ठग को बेच देते हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ बैंक के कर्मचारी भी इस तरह से डेटा लीक करते हैं। कई बार वह पकड़े भी जा चुकेहैं।
ऑनलाइन शॉपिंग (फाइल फोटो)
ऐसे बचें
यूपी पुलिस साइबर सलाहकार राहुल मिश्रा ने बताया कि विश्वसनीय कंपनी की वेबसाइट से ही ऑनलाइन शॉपिंग करें। जितना हो सके उतना कैश ऑन डिलीवरी के जरिए भुगतान करें। इससे बैंक संबंधी जानकारी चोरी होने की संभावना नहीं रहेगी। राहुल ने बताया कि केवल https सर्वर से ही लॉगिन करें। यहां पर ‘s’ का मतलब सिक्योर है। अगर http हो तो उस वेबसाइट पर विजिट न करें। इसकेअलावा जब भी एटीएम कार्ड के लिए अप्लाई करें तो उसकी जानकारी किसी से शेयर न करें।
शॉपिंग वेबसाइट से साइबर ठग डेटा चोरी कर रहे हैं। यही वजह है कि उनके पास व्यक्ति के नाम सहित बैंक आदि की पूरी जानकारी होती है। इसलिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
-राजेश यादव, एसपी क्राइम
यूपी पुलिस साइबर सलाहकार राहुल मिश्रा ने बताया कि विश्वसनीय कंपनी की वेबसाइट से ही ऑनलाइन शॉपिंग करें। जितना हो सके उतना कैश ऑन डिलीवरी के जरिए भुगतान करें। इससे बैंक संबंधी जानकारी चोरी होने की संभावना नहीं रहेगी। राहुल ने बताया कि केवल https सर्वर से ही लॉगिन करें। यहां पर ‘s’ का मतलब सिक्योर है। अगर http हो तो उस वेबसाइट पर विजिट न करें। इसकेअलावा जब भी एटीएम कार्ड के लिए अप्लाई करें तो उसकी जानकारी किसी से शेयर न करें।
शॉपिंग वेबसाइट से साइबर ठग डेटा चोरी कर रहे हैं। यही वजह है कि उनके पास व्यक्ति के नाम सहित बैंक आदि की पूरी जानकारी होती है। इसलिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
-राजेश यादव, एसपी क्राइम