एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय हस्तकला प्रदर्शनी में महोबा जिले के गौरा पत्थर से निर्मित मूर्तियों की कलाकृतियों को देखकर मुख्यमंत्री गदगद हो गए। उन्होंने मूर्ति हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए योजना के माध्यम से आर्थिक सहयोग करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनी में 80 जनपदों के हस्तशिल्पियों के बीच गौरा पत्थर के प्रसिद्ध कारीगर की अद्भुद नक्कासी चर्चा में रही।
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प्रदर्शनी में हस्तनिर्मित गौरा पत्थर की मूर्तियां देखते सीएम
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार द्वारा हस्तशिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद एक उत्पाद योजना चलाई जा रही है। लखनऊ के रबादा होटल में 19 सितंबर से आयोजित चार दिवसीय प्रदेशस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें प्रत्येक जनपद के कलाकारों को उत्कृष्ठ कलाकृतियों के साथ आमंत्रित किया गया था। जिले के तहसील चरखारी के ग्राम गौरहारी निवासी हस्तशिल्प राज्य दक्षता पुरस्कार विजेता कालीदीन विश्वकर्मा ने प्रदर्शनी में गौरा पत्थर से निर्मित कलाकृतियों के साथ प्रतिभाग किया।
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प्रदर्शनी में हस्तनिर्मित गौरा पत्थर की मूर्तियां देखते सीएम
- फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनी का उदघाटन सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न जनपदों के कलाकारों द्वारा सजाई गई कलाकृतियों के स्टालों का अवलोकन किया। गोरा पत्थर से निर्मित कलाकृतियों को देखकर सीएम गदगद हो गए। उन्होंने कलाकृतियों को बनाने वाले कालीदीन विश्वकर्मा से मूर्तियों से निर्माण की लागत और कच्चे माल की व्यवस्था की जानकारी ली। कलाकार ने गौरा पत्थर पहाड़ बंद हो जाने से कच्चे माल की समस्या बताई। जिस पर मुख्यमंत्री ने हस्तकला कारोबार के विस्तार का भरोसा देते हुए एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत बढ़ावा देने का आश्वासन दिया।
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प्रदर्शनी में हस्तनिर्मित गौरा पत्थर की मूर्तियां देखते सीएम
- फोटो : अमर उजाला
सीएम ने 25 मिनट तक गौरा पत्थर से निर्मित विभिन्न प्रकार की मूर्तियों को बारीकी से परखा। प्रदेश स्तर पर लगी प्रदर्शनी में जिले के कलाकार द्वारा तैयार की गई मूर्तियों को मिली सराहना से कलाकार उत्साहित दिखा। उसे हाथों से निर्मित मूर्तियों की बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद जगी है।