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ताजमहल के साथ 'ताले में बंद' है चार लाख लोगों का रोजगार, कब लौटेगी पर्यटन की बहार
Mon, 29 Jun 2020 11:51 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 29 Jun 2020 11:51 AM IST
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ताजमहल के पार्श्व में बहती यमुना नदी
- फोटो : मनीष शर्मा
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जिस संगमरमरी स्मारक ताजमहल के दीदार के लिए दुनियाभर से सैलानी आते थे, वहां अब सन्नाटा हुआ है। ताजमहल को बंद हुए 100 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। यह पहला मौका है जब ताजमहल, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी सहित सभी स्मारक इतने लंबे समय तक बंद रहे हैं। इस पाबंदी से लगभग चार लाख लोगों का रोजगार ठप है। ताजनगरी में बढ़ते संक्रमण की वजह से स्मारकों के जल्द खुलने के आसार भी नहीं है।
ताजमहल
- फोटो : Amar Ujala
पुरातत्वविद डॉ. आरके दीक्षित ने बताया कि ताजमहल के तामीर होने के बाद 372 साल में पहली बार ऐसा हुआ जब शाहजहां का उर्स नहीं मनाया गया। यह भी पहली बार ही था कि ईद पर ताज की मस्जिद में बाहर से कोई नमाजी नहीं आया। 30 मई को 124 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आई आंधी से मुख्य मकबरे की रेलिंग टूट गई, प्रवेश द्वार ध्वस्त हो गया। इसकी अब मरम्मत कराई जा रही है। ताजमहल को बंद किए जाने का आदेश 17 मार्च को आया था।
ताजमहल के पीछे दशहरा घाट
- फोटो : Amar Ujala
450 करोड़ रुपये का नुकसान
ताजमहल बंद होने से पर्यटन से जुड़े लोगों और सरकार को नुकसान हुआ है। टिकट से 148 करोड़ रुपये की सालाना कमाई है। 100 दिन में 40 करोड़ का नुकसान हुआ। 2600 करोड़ की पर्यटकों से सालाना कमाई है। अगर स्मारक खुले होते तो 15 लाख पर्यटक 100 दिनों में आगरा आते। बंद रहने से 350 करोड़ रुपये का सीधे नुकसान हुआ है। पर्यटन उद्योग से जुड़े ज्यादातर लोग गाइड, फोटोग्राफर, हस्तशिल्पी, ट्रेवल ट्रेड के ड्राइवर, एस्कॉर्ट, होटल कर्मचारी दिहाड़ी पर निर्भर थे, जिनकी बचत खत्म होने के बाद वो पाई-पाई को मोहताज हैं।
ताजमहल बंद होने से पर्यटन से जुड़े लोगों और सरकार को नुकसान हुआ है। टिकट से 148 करोड़ रुपये की सालाना कमाई है। 100 दिन में 40 करोड़ का नुकसान हुआ। 2600 करोड़ की पर्यटकों से सालाना कमाई है। अगर स्मारक खुले होते तो 15 लाख पर्यटक 100 दिनों में आगरा आते। बंद रहने से 350 करोड़ रुपये का सीधे नुकसान हुआ है। पर्यटन उद्योग से जुड़े ज्यादातर लोग गाइड, फोटोग्राफर, हस्तशिल्पी, ट्रेवल ट्रेड के ड्राइवर, एस्कॉर्ट, होटल कर्मचारी दिहाड़ी पर निर्भर थे, जिनकी बचत खत्म होने के बाद वो पाई-पाई को मोहताज हैं।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
650 होटल, रेस्टोरेंट में लगे हैं ताले
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि ताजमहल के बंद होने के बाद शहर के 650 से ज्यादा होटल और 300 से ज्यादा रेस्टोरेंट बंद पड़े हैं। अनलॉक में अनुमति के बाद भी शहर में 6-7 पांच सितारा होटल ही खुल सके। बजट क्लास होटल पूरी तरह से बंद हैं। होटल और रेस्टोरेंट खोल कर क्या करेंगे जब पर्यटक हैं ही नहीं। होटल शुरू करने पर खर्चा ज्यादा है और कमाई जीरो। ऐसे में अपनी जेब से खर्च कर चालू करने की सोच भी नहीं सकते।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि ताजमहल के बंद होने के बाद शहर के 650 से ज्यादा होटल और 300 से ज्यादा रेस्टोरेंट बंद पड़े हैं। अनलॉक में अनुमति के बाद भी शहर में 6-7 पांच सितारा होटल ही खुल सके। बजट क्लास होटल पूरी तरह से बंद हैं। होटल और रेस्टोरेंट खोल कर क्या करेंगे जब पर्यटक हैं ही नहीं। होटल शुरू करने पर खर्चा ज्यादा है और कमाई जीरो। ऐसे में अपनी जेब से खर्च कर चालू करने की सोच भी नहीं सकते।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
35 हजार शिल्पियों की छैनी-हथौड़ी बंद
शहर में 350 हैंडीक्राफ्ट एंपोरियम, शोरूम व दुकानें 17 मार्च से बंद पड़ी हैं। देसी और विदेशी सैलानियों में ही हस्तशिल्प को लेकर क्रेज था और लोकल मार्केट इन्हीं की खरीद पर निर्भर रहता था। हस्तशिल्प से 35 हजार से ज्यादा कारीगर जुड़े हुए हैं, जिनकी संख्या पहले 80 हजार तक थी लेकिन हस्तशिल्प पर जीएसटी के बाद इसकी मांग में कमी आई है और कई शिल्पी काम ही छोड़ गए। लॉकडाउन में मार्बल पच्चीकारी के 35 हजार शिल्पकार दाने-दाने के लिए मोहताज हैं।
शहर में 350 हैंडीक्राफ्ट एंपोरियम, शोरूम व दुकानें 17 मार्च से बंद पड़ी हैं। देसी और विदेशी सैलानियों में ही हस्तशिल्प को लेकर क्रेज था और लोकल मार्केट इन्हीं की खरीद पर निर्भर रहता था। हस्तशिल्प से 35 हजार से ज्यादा कारीगर जुड़े हुए हैं, जिनकी संख्या पहले 80 हजार तक थी लेकिन हस्तशिल्प पर जीएसटी के बाद इसकी मांग में कमी आई है और कई शिल्पी काम ही छोड़ गए। लॉकडाउन में मार्बल पच्चीकारी के 35 हजार शिल्पकार दाने-दाने के लिए मोहताज हैं।