प्याज संकट से राहत की कवायद: सरकार ने उठाया बड़ा कदम, 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर लोगों को बेची जाएगी
केंद्र सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली में गुरुवार से 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज मिलेगा। यह कदम 1.21 लाख टन के बफर भंडार से आपूर्ति और विशेष परिवहन व्यवस्थाओं के जरिये उठाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और थोक बाजारों में भी नरमी आई है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें कई स्थानों पर 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। सरकार ने अपने मूल्य स्थिरीकरण कोष का उपयोग कर बाजार में हस्तक्षेप का निर्णय लिया है।
यह कदम पिछले एक महीने में प्याज की कीमतों में तेज उछाल के बीच उठाया गया है। 25 अगस्त को देशभर में प्याज का औसत खुदरा मूल्य 44.72 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया था। 25 जुलाई को यह 34.80 रुपये प्रति किलो था, यानी एक महीने में कीमतों में 28 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई। अगस्त 2025 के मुकाबले इस वर्ष कीमतें लगभग 56 फीसदी बढ़ चुकी हैं।
बाजार में उतारा जा रहा प्याज वर्ष 2026 के लिए बनाए गए 1.21 लाख टन के बफर भंडार का हिस्सा है। इसका उद्देश्य कीमतों में तेजी को रोकना और उपभोक्ताओं को राहत देना है। सरकार का मानना है कि बफर भंडार से चरणबद्ध आपूर्ति और विशेष परिवहन व्यवस्थाओं से बाजार में उपलब्धता बढ़ेगी। इससे आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों पर दबाव कम होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
प्याज की बिक्री कौन करेगा और कहां?
रियायती दर पर प्याज की बिक्री नेफेड, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) और केंद्रीय भंडार के माध्यम से की जाएगी। एनसीसीएफ दिल्ली में केंद्रीय भंडार की 100 दुकानों के जरिये सीधे उपभोक्ताओं को प्याज उपलब्ध कराएगा। योजना का विस्तार दिल्ली-एनसीआर के मदर डेयरी केंद्रों तक भी किया जा सकता है। नेफेड दिल्ली के अलावा कोच्चि और गुवाहाटी जैसे प्रमुख उपभोग केंद्रों में भी रियायती दर पर प्याज बेचेगा। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आने वाले दिनों में इस योजना को कोलकाता, भुवनेश्वर, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, गुवाहाटी और रायपुर जैसे अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा।
कितना प्याज उपलब्ध है और कैसे पहुंचेगा?
एनसीसीएफ के पास वर्तमान में लगभग 62,000 टन प्याज का बफर भंडार उपलब्ध है। संस्था ने महाराष्ट्र के नासिक से 400 टन प्याज विशेष रेल सेवा 'कांदा एक्सप्रेस' से दिल्ली भेजा है। यह प्याज गुरुवार तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। नेफेड के पास भी लगभग 55,000 टन से कम प्याज का भंडार मौजूद है। नासिक से 800 टन प्याज लेकर पहली विशेष रेल रैक पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है। दिल्ली के अलावा चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी को भी विशेष मालगाड़ियों के जरिये प्याज की आपूर्ति की जाएगी।
बाजार पर क्या असर दिख रहा है?
सरकार द्वारा बाजार में हस्तक्षेप की घोषणा का असर थोक बाजारों में दिखने लगा है। महाराष्ट्र के प्रमुख प्याज बाजार नासिक और लासलगांव में थोक कीमतों में नरमी दर्ज की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कदम से मूल्य वृद्धि को लेकर बनी अटकलों पर भी असर पड़ा है। ये अटकलें हाल के दिनों में कीमतों में तेजी की एक प्रमुख वजह थीं। सरकार के इस निर्णय से बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है।