फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Utility ›   Why Do Prisoners Wear Striped Uniforms in Jail Know the History and Reason Behind It

जेल में कैदियों को क्यों पहनाई जाती है धारी वाली पोशाक, जानिए कैसे हुई इसकी शुरुआत?

Tue, 05 Aug 2025 02:18 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Tue, 05 Aug 2025 02:18 PM IST
सार

आज इस खबर के माध्यम से हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं कि कैदियों को सफेद और काली धारी वाली पोशाक को क्यों पहनाया जाता है और इसके पीछे क्या रोचक इतिहास छिपा हुआ है?   

विज्ञापन
Why Do Prisoners Wear Striped Uniforms in Jail Know the History and Reason Behind It
Why Do Prisoners Wear Striped Uniforms - फोटो : AdobeStock

विस्तार

Why Do Prisoners Wear Striped Uniforms in Jail: आपने फिल्मों, वेब सीरीजों या असल जिंदगी में जेल के कैदियों को काली और सफेद धारी वाली पोशाक में देखा होगा। कैदियों की पोशाक आम कपड़ों से अलग होती है। इस पोशाक से न केवल कैदियों की पहचान आसानी से की जा सकती है बल्कि यह उनके एक अलग सामाजिक दर्जे को भी दर्शाने का काम करती है। वहीं क्या कभी आपने इस सवाल पर विचार किया है कि आखिर कैदियों को ये खास तरह की पोशाक को क्यों पहनाया जाता है? इसके पीछे कोई ऐतिहासिक कारण छिपा है या फिर सुरक्षा के नजरिए को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया जाता है। आज इस खबर के माध्यम से हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं कि कैदियों को सफेद और काली धारी वाली पोशाक को क्यों पहनाया जाता है और इसके पीछे क्या रोचक इतिहास छिपा हुआ है?   

विज्ञापन

कैदियों को धारीदार पोशाक पहनाने की शुरुआत अमेरिका के ऑर्बन प्रिजन सिस्टम में 18वीं सदी में हुई थी। कैदियों को धारीदार पोशाक पहनाने के पीछे का कारण यह था कि जेल से भागने वाले कैदियों की पहचान आसानी से की जा सके। 

Indian Railways: ट्रेन में कर रहे हैं सफर, तो आपको जरूर पता होने चाहिए ये नियम वरना आ सकती है दिक्कत 

विज्ञापन
विज्ञापन

शुरुआती दौर में ग्रे और ब्लैक धारी वाली पोशाक सिंबल ऑफ शेम के रूप में जानी जाती थी। हालांकि, 19वीं सदी में मनावाधिकार को लेकर चर्चा हुई उसके बाद सिंबल ऑफ शेम को हटा दिया गया। इसके बाद काली-सफेद धारी वाली पोशाक कैदियों को पहनाने के चलन में आने लगी। 

PM Vishwakarma: पीएम विश्वकर्मा योजना में आवेदन करने के लिए किन किन दस्तावेजों की मांग की जाती है? जानिए यहां

विज्ञापन

वहीं भारत में इसका चलन अंग्रेजों के समय से शुरू हुआ। इसे सजायाफ्ता कैदियों को पहनाया जाने लगा। हमारे देश के कई जेलों में कैदी ही ये पोशाक बनाते हैं। इससे बनाने में आने वाली लागत कम हो जाती है। 

PM Mudra Yojana: कैसे मिलता है पीएम मुद्रा योजना के अंतर्गत 20 लाख रुपये तक का लोन? जानिए यहां

वहीं कुछ देश में अब धारीदार पोशाक की जगह कैदियों को नारंगी या ग्रे जंपसूट पहनाया जाता है। हालांकि, भारत में अभी भी सफेद धारीदार पोशाक प्रचलित है। देश में कैदियों को यही पोशाक पहनाई जाती है। 

रिटायरमेंट के बाद नहीं होगी पैसों की दिक्कत, 8 हजार रुपये निवेश करके इतने वर्षों में जुटा सकते हैं 2.26 करोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed