Whatsapp Web Security Alert: आज के समय जो भी लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते हैं वो अपनी सहूलियत के लिए डेस्कटॉप पर ही व्हाट्सएप वेब खोल लेता है। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी सार्ट-इन (CERT-In) ने इसे लेकर एक गंभीर अलर्ट जारी किया है। जालसाज अब एक नए और शातिर तरीके से लोगों के सिस्टम में खतरनाक वायरस (मालवेयर) भेज रहे हैं।
इस स्कैम की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह आपके किसी बहुत करीबी दोस्त, रिश्तेदार या सहकर्मी के हैक हो चुके अकाउंट से आता है, जिससे लोग धोखा खा जाते हैं। इस वायरस के जरिए आपकी बैंकिंग जानकारी और निजी डाटा चोरी हो सकता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि यह पूरा खेल क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
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जानिए कैसे काम करता है जालसाजों का यह नया तरीका
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जानिए कैसे काम करता है जालसाजों का यह नया तरीका
साइबर अपराधी सबसे पहले किसी अनजान माध्यम से आपके किसी परिचित का व्हाट्सऐप अकाउंट पूरी तरह हैक कर लेते हैं। इसके बाद वे उस भरोसेमंद प्रोफाइल का गलत फायदा उठाकर उनकी चैट लिस्ट में मौजूद लोगों को एक संदिग्ध फाइल भेजते हैं, जो आमतौर पर एक स्क्रिप्ट कोडिंग फाइल होती है।
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अनजाने में फाइल खोलने पर क्या होता है नुकसान?
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अनजाने में फाइल खोलने पर क्या होता है नुकसान?
यह खतरनाक वायरस अक्सर '.vbs' (वीबीस्क्रिप्ट) फॉर्मेट में एक साधारण डॉक्यूमेंट या फोटो के नाम से भेजा जाता है। जैसे ही आप अपने कंप्यूटर पर इस फाइल पर क्लिक करके इसे खोलते हैं, यह बैकग्राउंड में एक छिपे हुए सॉफ्टवेयर की तरह काम करना शुरू कर देता है और आपके लैपटॉप का पूरा कंट्रोल हैकर्स को दे देता है।
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पासवर्ड और बैंकिंग डाटा चोरी होने का सबसे बड़ा खतरा
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पासवर्ड और बैंकिंग डाटा चोरी होने का सबसे बड़ा खतरा
सिस्टम में वायरस एक्टिव होते ही यह आपके कंप्यूटर में सेव सभी पर्सनल पासवर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंक की संवेदनशील डिटेल्स को चुपचाप हैकर्स के सर्वर पर ट्रांसफर कर देता है। इसके बाद जालसाज आपके बैंक खाते को पल भर में खाली कर सकते हैं और साथ ही आपकी निजी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
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साइबर फ्रॉड से खुद को सुरक्षित रखने के जरूरी उपाय
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साइबर फ्रॉड से खुद को सुरक्षित रखने के जरूरी उपाय
- व्हाट्सऐप पर किसी भी परिचित के नंबर से भी आई ऐसी फाइल (जिसके अंत में .vbs लिखा हो) को भूलकर भी डाउनलोड न करें।
- अगर कोई फाइल संदिग्ध लगे तो तुरंत उस व्यक्ति को नॉर्मल कॉल करके इसकी पुष्टि करें।
- अपने कंप्यूटर में एक अच्छा एंटीवायरस जरूर रखें।
- अगर किसी भी तरह के फ्रॉड का शिकार हो गए हैं तो इसकी शिकायत तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल 1930 पर दर्ज कराएं।